Highlights:
पहलगाम हमले के बाद सबसे पहले CRPF की त्वरित कार्रवाई टीम पहुंची।
26 लोगों की जान गई, कई घायल, 40 से ज्यादा पर्यटक बचाए गए।
CRPF कमांडो ने घायलों को बचाया और हालात काबू में किए।
पुलिस और CRPF ने मिलकर इलाके में सुरक्षा बढ़ाई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट और तलाशी अभियान तेज।
☀️Article:
Pahalgam Terror Attack: CRPF के 25 कमांडो ने 26 लोगों की जान बचाई, जानिए कैसे संभाला मोर्चा
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, सबसे पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की त्वरित कार्रवाई टीम (QAT) मौके पर पहुंची। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक, CRPF ने घायल पर्यटकों की जान बचाई और इलाके को सुरक्षित किया।

कैसे मिली हमले की खबर?
22 अप्रैल को CRPF की 116 बटालियन की डेल्टा कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर (CO) राजेश कुमार जब शिविर से निकल रहे थे, तब कई खच्चर वाले और पर्यटक बदहवास हालत में नीचे उतरते दिखे। उनसे पूछताछ करने पर पता चला कि बैसरन में गोलीबारी हुई है। इसके बाद राजेश कुमार ने तुरंत QAT को सूचना दी।
25 कमांडो 45 मिनट में पहुंचे घटनास्थल पर
करीब 25 CRPF कमांडो की टीम, पथरीले और कीचड़ भरे रास्तों को पार करते हुए लगभग 40-45 मिनट में घटनास्थल पर पहुंची। चढ़ाई के दौरान आतंकियों के दोबारा हमले की आशंका थी, लेकिन जवान सतर्कता के साथ आगे बढ़े।
घायलों को बचाया, महिलाओं और बच्चों की संभाली जिम्मेदारी
मौके पर पहुंचते ही CRPF टीम ने देखा कि कई लोग घायल अवस्था में जमीन पर पड़े थे और महिलाएं-बच्चे डरे-सहमे छिपे हुए थे। सहायक कमांडेंट राशि सिकरवार ने महिलाओं और बच्चों की देखभाल संभाली। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस और CRPF ने मिलकर हालात संभाले
CRPF टीम के बाद स्थानीय थाना प्रभारी भी पहुंचे। दोनों बलों ने शवों को सुरक्षित किया और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया। CRPF ने 30 से 40 पर्यटकों को अपने बेस कैंप में ठहराया और उन्हें भोजन और पानी मुहैया कराया।
हमले के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद पहलगाम सहित पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और अन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया। अधिकारियों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा से पहले घाटी के ऊपरी इलाकों में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाएंगे।
यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है, जिसने पूरे सुरक्षा तंत्र को एक बार फिर चौकन्ना कर दिया है।




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