सऊदी अरब ने विदेशी नागरिकों और कंपनियों के लिए रियल एस्टेट मार्केट खोल दी है, लेकिन मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों में अब भी सख्त पाबंदियां लागू हैं।
➤ क्या है नया फैसला?
सऊदी सरकार ने विजन 2030 के तहत अर्थव्यवस्था को विविध करने के लिए विदेशियों को प्रॉपर्टी खरीद की अनुमति दी है। अब विदेशी नागरिक और कंपनियां मक्का-मदीना को छोड़कर बाकी शहरों में जमीन या प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।
➤ मक्का-मदीना में क्यों है रोक?
- मक्का और मदीना की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए यहां पर विदेशियों को जमीन खरीदने की अनुमति नहीं है।
- ग़ैर-मुस्लिमों को इन शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना पूरी तरह वर्जित है।
- मुस्लिम विदेशी नागरिकों को भी कठोर शर्तों और विशेष मंजूरी के बाद ही खरीदारी की अनुमति मिल सकती है।
➤ कौन खरीद सकता है प्रॉपर्टी?

- जो विदेशी नागरिक सऊदी अरब में कानूनी रूप से रह रहे हैं, वो मक्का-मदीना को छोड़कर बाकी शहरों में जमीन ले सकते हैं।
- विदेशी कंपनियां जो सऊदी में व्यापार करती हैं, वो अपने कार्यालयों या कर्मचारियों के लिए संपत्ति खरीद सकती हैं।
- दूतावास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं सरकार की अनुमति के बाद ऑफिस स्पेस खरीद सकती हैं।
➤ नया कानून क्या कहता है?
- रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
- प्रॉपर्टी की खरीद पर 5% ट्रांसफर शुल्क देना होगा।
- नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और प्रॉपर्टी जब्त करने का प्रावधान है।
- विशेष प्रवर्तन समिति के निर्णय के खिलाफ 60 दिन के भीतर अपील की जा सकती है।
➤ कब आएंगे विस्तृत नियम?
सरकार अगले 6 महीनों में विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी। इसमें यह बताया जाएगा कि:
- कहां प्रॉपर्टी खरीदी जा सकती है,
- आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी,
- और किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।
🔴 सारांश:
अगर आप सऊदी अरब में प्रॉपर्टी निवेश की सोच रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए है – बस मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों में खरीदारी की इजाजत नहीं है।









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