- शरद पवार ने संजय राउत को दी सलाह – अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ना करें स्थानीय राजनीति।
- ऑपरेशन सिंदूर के तहत भेजे गए सांसदों के प्रतिनिधिमंडल पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी।
- राउत ने केंद्र सरकार के कदम का बहिष्कार करने की दी थी सलाह।
- सुप्रिया सुले और प्रियंका चतुर्वेदी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा।
- पवार बोले – विपक्षी दलों को एकजुट रहकर भारत का पक्ष रखना चाहिए।
शरद पवार ने संजय राउत को दी नसीहत: आतंकवाद के मुद्दे पर ना करें स्थानीय राजनीति
बेटुल, 19 मई:
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत को सख्त लहजे में आतंकवाद जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर स्थानीय राजनीति ना करने की सलाह दी है।

पवार की यह प्रतिक्रिया ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत विदेश भेजे गए भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर आई, जिसकी आलोचना राउत ने की थी। राउत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ये प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार के “पापों और अपराधों” का बचाव करेंगे और उन्होंने विपक्षी दलों से इस प्रक्रिया का बहिष्कार करने को कहा था।
शरद पवार ने याद दिलाया कि वे भी एक समय पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र भेजे गए प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और रुख को प्रस्तुत करने की बात आती है, तो दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।”
पवार ने आगे कहा कि राउत अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिससे यह विरोधाभासी स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने दोहराया कि ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
इस प्रतिनिधिमंडल में राकांपा (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं, जिन्हें भारत के रुख को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बेटुल से जुड़ी स्थानीय खबरों पर पवार ने पुरंदर हवाई अड्डा परियोजना को लेकर किसानों की चिंताओं को समझने और सुलझाने के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने की बात भी कही।









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