ऑपरेशन सिंदूर की गूंज: भारत ने तबाह किया नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान में मचा हड़कंप
पाक आर्मी का हेडक्वार्टर बदलने की तैयारी, एयर चीफ एपी सिंह की रणनीति ने रचा इतिहास
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना ने ऐसा कहर बरपाया कि पाकिस्तान की कमर टूट गई। इस ऑपरेशन में 11 पाकिस्तानी एयरबेस तबाह कर दिए गए, जिनमें सबसे बड़ा झटका नूर खान एयरबेस की बर्बादी से लगा। इस हमले की पूरी पटकथा एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह (एपी सिंह) ने लिखी थी। उनकी जबरदस्त योजना और सटीक निशानेबाजी की बदौलत यह ऐतिहासिक ऑपरेशन कामयाब हो सका।
10 मई 2025 को दोपहर 2 बजे, रावलपिंडी के चकलाला स्थित नूर खान एयरबेस पर भारतीय वायुसेना की बमबारी से ऐसा विस्फोट हुआ कि पूरे पाकिस्तान में दहशत फैल गई। यह एयरबेस पाकिस्तान की सैन्य शक्ति का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

क्यों खास था नूर खान एयरबेस?
- यहां पाकिस्तान की सबसे शक्तिशाली हवाई प्रणाली और वीआईपी विमानों का अड्डा है।
- चीन द्वारा प्रदान किए गए एयर डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित यह बेस पाकिस्तान एयरफोर्स का एयर मोबिलिटी कमांड हेडक्वार्टर भी है।
- इसी वजह से भारतीय वायुसेना ने यहां के रडार सिस्टम, विमान हेंगर और एयरस्ट्रिप को सटीक निशाना बनाया।
हमले की पटकथा: एपी सिंह की योजना
एयर चीफ एपी सिंह ने न केवल इस ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की, बल्कि सर्वश्रेष्ठ पायलटों का चयन भी खुद किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस रणनीति में उनका पूरा साथ दिया। नतीजा – कुछ ही मिनटों में एयरबेस का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।
जनरल आसिम मुनीर तक हिल गए
इस हमले के बाद पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर इतने घबरा गए कि बंकर में छिपने को मजबूर हो गए। पाकिस्तान की संसद से महज 20 किलोमीटर दूर हुआ ये हमला सत्ता और सामरिक ताकत पर सीधा वार था। अब हालात ये हैं कि पाक आर्मी अपने GHQ को रावलपिंडी से शिफ्ट करने की योजना बना रही है – या तो बलूचिस्तान या खैबर पख्तूनख्वा में।
पाकिस्तान की रणनीतिक हार
- इस हमले में 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें 5 वायुसेना के थे।
- पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मदद के लिए अमेरिका, तुर्की, सऊदी और चीन से गुहार लगा रहा है।
- DGMO स्तर पर भारत से सीधी बातचीत की मांग कर रहा है।
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान की हवाई शक्ति को पंगु कर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। एयर चीफ एपी सिंह के नेतृत्व में यह हमला सैन्य इतिहास की एक निर्णायक उपलब्धि बन गया है।









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