- भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की।
- तुर्की के मिलिट्री ऑपरेटर्स पाकिस्तान की मदद करते हुए मारे गए।
- तुर्की ने पाकिस्तान को 350 से ज्यादा ड्रोन और ऑपरेटर मुहैया कराए थे।
- भारतीय सेना ने तुर्की के ड्रोन्स को मार गिराया और गहरी चोट दी।
- तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने तुर्की-पाक गठजोड़ को दी करारी चोट, ड्रोन और ऑपरेटर्स समेत किए ढेर
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर करारा हमला बोलते हुए न सिर्फ उसके आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि उसके समर्थन में खड़े तुर्की को भी गहरी चोट दी है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को खुलकर मदद दी थी — जिसमें 350 से ज्यादा ड्रोन और तुर्की के मिलिट्री ऑपरेटर्स शामिल थे। लेकिन भारतीय सेना ने इस साजिश को नाकाम करते हुए न सिर्फ तुर्की के ड्रोन गिराए, बल्कि दो ऑपरेटर्स को भी मार गिराया।
सूत्रों के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। इस दौरान नौ आतंकी अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया गया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी ढेर हो गए।
भारत पर हो रहे लगातार ड्रोन हमलों के पीछे पाकिस्तान और तुर्की का गठजोड़ सामने आया है। पाकिस्तान ने Bayraktar TB2 और YIHA जैसे तुर्की ड्रोन्स का इस्तेमाल किया, जिसे भारत ने समय रहते एयर डिफेंस सिस्टम से नष्ट कर दिया। भारतीय सेना ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की कि इन ड्रोन्स की आपूर्ति तुर्की ने की थी।
वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अंकारा में अपने संबोधन में पाकिस्तान के समर्थन की बात दोहराई। हालांकि उनके बयान और ज़मीनी हकीकत में बड़ा फर्क देखा गया। तनाव कम करने की बात करने वाला तुर्की, वास्तव में उसे बढ़ाने का काम कर रहा था।
भारत की इस रणनीतिक कार्रवाई ने न सिर्फ पाकिस्तान को सबक सिखाया है, बल्कि तुर्की को भी यह एहसास दिलाया है कि भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को गहरी कीमत चुकानी पड़ेगी।









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