- पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर रूसी S-400 का किया निरीक्षण
- अमेरिका को सीधा संदेश: भारत देखेगा अपने हित
- S-400 बना भारत की रक्षा प्रणाली की रीढ़
- पाकिस्तान और आतंकियों को दिया विनाश का संदेश
- रूस के साथ रिश्तों में और गहराई लाने की तैयारी
आदमपुर एयरबेस पर पीएम मोदी का दौरा सिर्फ एक सैन्य औपचारिकता नहीं था, बल्कि एक सशक्त कूटनीतिक संदेश भी था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में बने C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से आदमपुर पहुंचे और वहां उन्होंने रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का निरीक्षण किया।

यह वही S-400 है जिसने पाकिस्तान की ओर से आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर भारत की रक्षा की है। इस कदम के जरिए पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया कि भारत सिर्फ अपने हितों को प्राथमिकता देगा — चाहे वह अमेरिका हो या रूस।
अमेरिका के लिए संदेश साफ था: भारत किसी भी प्रकार की न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग या विदेशी दबाव से डरने वाला नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के जवाब में यह दौरा एक स्पष्ट कूटनीतिक संकेत बन गया। पीएम मोदी का कहना जैसे हो कि “हमें भरोसा करना आता है, लेकिन आंख मूंदकर नहीं।”
पाकिस्तान और आतंकियों को भी कड़ा संदेश मिला। मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत पर हमला करने का अंजाम सिर्फ तबाही होगा। S-400 का सार्वजनिक निरीक्षण यह भी दर्शाता है कि रूस और भारत की दोस्ती सैन्य साझेदारी से कहीं आगे जा चुकी है।
रूस के साथ रिश्ते और मजबूत होने जा रहे हैं, खासकर तब जब भारत चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर चुनौती का सामना कर रहा है। यूक्रेन युद्ध के दौरान जब पश्चिमी देशों ने रूस पर दबाव डाला, भारत ने तब भी रूस से दूरी नहीं बनाई और कई नए रक्षा सौदे किए।









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