S-400, आकाश मिसाइल, ऑपरेशन सिंदूर, तुर्की ड्रोन, PL-15 मिसाइल
भारत के ये चार यार: वायु रक्षा कवच के आगे फुस्स हुए पाकिस्तानी हमले, चीन-तुर्की तक पहुंचा संदेश
भारत ने जब ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, तो बौखलाए पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी हमला करने की कोशिश की। लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली की चार परतों वाली एयर डिफेंस लाइन के आगे उसकी सारी चालें नाकाम रहीं। पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की PL-15 मिसाइलें और तुर्की के ड्रोन भी भारत के सुरक्षा कवच के सामने धराशायी हो गए।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में हिंदू पर्यटकों की बेरहमी से हत्या की गई थी। इसका बदला भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर लिया। महज 26 मिनट के एयरस्ट्राइक ऑपरेशन में भारत ने POK में स्थित 9 आतंकी शिविरों को तबाह कर 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया।
बौखलाए पाकिस्तान ने जवाबी हमलों की बौछार कर दी, लेकिन भारतीय वायुसेना की Integrated Air Command and Control System (IACCS) ने हर मिसाइल और ड्रोन हमले को हवा में ही नष्ट कर दिया।
भारत की एयर डिफेंस की चार परतें:
- पहली परत (10 किमी तक):
एल-70, इग्ला, ज़ू-23-28, शिल्का, स्ट्रेला और तुंगुस्का - दूसरी परत (50 किमी तक):
आकाश, स्पाइडर, समर, पेचोरा - तीसरी परत (100 किमी तक):
बराक-8 और रक्षा जैसी मध्यम दूरी की मिसाइलें - चौथी परत (400 किमी तक):
रूस से मिली S-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम
“आकाश” सिस्टम का प्रदर्शन इस पूरी कार्रवाई के दौरान सबसे दमदार रहा। एयरफोर्स अधिकारी अवधेश कुमार भारती के अनुसार, भारतीय डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन की हर चाल को हवा में ही खत्म कर दिया।
समुद्री सीमा पर भी चौकसी
भारतीय नौसेना ने भी अपनी MiG-29K फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट कैरियर की मदद से अरब सागर में पाकिस्तानी ताकत को मकरान तट तक ही सीमित कर दिया।
निष्कर्ष:
भारत की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश अब हर मोर्चे पर तैयार है—चाहे वो आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमला हो या सीमा पार से आने वाली मिसाइल और ड्रोन हमले।




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