जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पहल्गाम आतंकी हमले ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को गहरी चोट दी है, बल्कि इससे पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने का मौका भी मिल गया है। उन्होंने यह बयान एनडीटीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में दिया।
उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब कश्मीर का पर्यटन उद्योग वर्षों बाद रफ्तार पकड़ रहा था। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे मोड़ पर आ गए हैं जहां हम कभी लौटना नहीं चाहते थे। यहाँ फिर से खूनखराबा, पीड़ा और उथल-पुथल है… सब कुछ बदल गया है, लेकिन कुछ भी नहीं बदला है।“

वास्तविक हालात पर चिंता
उमर अब्दुल्ला ने बताया कि घाटी में इस समय पर्यटकों की भरमार होनी चाहिए थी, स्कूलों में पढ़ाई चल रही होती और एयरपोर्ट पर रोजाना 50-60 फ्लाइट्स उतरतीं। लेकिन आज घाटी सुनसान, स्कूल बंद और एयरस्पेस ठप पड़ी है।
कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण
उन्होंने चेताया कि पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को वैश्विक स्तर पर लाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश, पाकिस्तान कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने में कामयाब रहा है।” साथ ही, अमेरिका जैसे देशों की मध्यस्थता में रुचि चिंता का विषय बनती जा रही है।
बैसारन नरसंहार: धार्मिक पहचान के आधार पर 26 की हत्या
22 अप्रैल को बैसारन में आतंकी हमले में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टूवाला शामिल थे, जो जान बचाने की कोशिश कर रहा था। आतंकियों ने पहले धर्म पूछकर पहचान की और फिर हमला किया।
भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर
इस वीभत्स घटना के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी शिविरों को तबाह कर दिया। जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए, लेकिन भारत की सख्त प्रतिक्रिया के बाद चौथे दिन पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा और स्थिति में अस्थायी शांति आई।
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