- ऑपरेशन सिंदूर की मीडिया ब्रीफिंग में एयर मार्शल ए के भारती की प्रभावशाली भूमिका
- पूर्णिया, बिहार के मूल निवासी हैं एयर मार्शल भारती
- भारतीय वायुसेना में “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित
- NDए और स्टाफ कॉलेज से उच्च सैन्य शिक्षा प्राप्त
- पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक की योजना के प्रमुख रणनीतिकार
बिहार के बेटे एयर मार्शल ए के भारती: ऑपरेशन सिंदूर के रणनीतिक नायक की कहानी
पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए भारतीय हवाई अभियानों ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीति और योजना में एक नाम सबसे अहम रहा – एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती। बिहार के पूर्णिया जिले के झुन्नी कलां गांव से ताल्लुक रखने वाले एयर मार्शल भारती ने न केवल भारत को गौरवान्वित किया, बल्कि पाकिस्तान के भीतर तक हवाई अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

हाल ही में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल भारती ने डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल एस एस शर्मा और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद के साथ मिलकर मीडिया के सवालों का सटीक और प्रभावी जवाब दिया। उनके नेतृत्व में ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने दुश्मन की रणनीतिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया।
पूर्णिया की मिट्टी से राष्ट्रीय गौरव तक
एयर मार्शल भारती की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल तिलैया से हुई, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), पुणे में दाखिला लिया। 1987 में वे भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में शामिल हुए। अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से नवाजा गया, जो प्रशिक्षण के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक है।
रणनीति और नेतृत्व में महारथी
उन्होंने भारत और विदेशों में कई अहम पदों पर सेवाएं दी हैं। प्रयागराज में महाकुंभ के सफल आयोजन की निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी रही। वर्तमान में वे वायु सेना मुख्यालय में महानिदेशक वायु संचालन (DG Air Operations) के रूप में कार्यरत हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: आक्रामक रणनीति का केंद्र
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, पाकिस्तान के खिलाफ जो हवाई अभियान शुरू हुआ, उसमें एयर मार्शल भारती ने मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई। उन्होंने ना केवल मिशनों की योजना बनाई, बल्कि उनके समन्वयन और क्रियान्वयन में भी अहम योगदान दिया।
इन अभियानों ने दुश्मन को तुरंत संघर्षविराम की अपील करने पर मजबूर कर दिया और लंबे समय तक प्रभाव डालने वाला संदेश छोड़ा।



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