भारत ने मानी सीजफायर की बात, लेकिन पाकिस्तान को नहीं मिलेगी राहत – जानें क्या-क्या रहेगा बैन
हाइलाइट्स:
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने घुटने टेककर किया सीजफायर का अनुरोध
- भारत ने दी सीजफायर पर सशर्त सहमति, सैन्य कार्रवाई पर रोक
- सिंधु जल समझौता, वाणिज्य, राजनयिक संबंध, और आर्थिक प्रतिबंध रहेंगे बरकरार
- अमेरिका ने IMF कर्ज रोककर पाकिस्तान पर बनाया दबाव
- भारत के नए युद्ध सिद्धांत को अमेरिका ने दी मान्यता

मुख्य खबर:
भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव के बीच शनिवार, 10 मई 2025 को एक बड़ी खबर सामने आई है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा किए गए निर्णायक सैन्य एक्शन से घबराए पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई, जिसे भारत ने मान लिया है। लेकिन पाकिस्तान की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये युद्धविराम केवल काइनेटिक (सैन्य) कार्रवाई पर सशर्त रोक है। जल, व्यापार, कूटनीति और वित्तीय प्रतिबंध पहले की तरह ही जारी रहेंगे।
जिन प्रतिबंधों पर कोई राहत नहीं:
- सिंधु जल संधि अब भी निलंबित है – भारत अब पाकिस्तान को कोई जलविज्ञान संबंधित सूचना साझा नहीं करेगा।
- व्यापार नहीं होगा – दोनों देशों के बीच कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं बहाल किया जाएगा।
- राजनयिक संबंध स्थिर – भारतीय दूतावास से वापस बुलाए गए राजनयिकों को फिर से नहीं भेजा जाएगा।
- आर्थिक प्रतिबंध रहेंगे – पाकिस्तान के जहाज भारत के बंदरगाहों पर नहीं आ पाएंगे।
पाकिस्तान की ओर से किया गया सीजफायर का अनुरोध
भारतीय एयरबेस पर हमलों के बाद पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय समकक्ष को कॉल कर औपचारिक युद्ध विराम का अनुरोध किया। उन्होंने भरोसा दिया कि अब पाकिस्तान की ओर से कोई भी हमला नहीं होगा।
अमेरिका की भूमिका
संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस संकट को टालने के लिए IMF का 1 बिलियन डॉलर का कर्ज रोकने की धमकी दी, जिससे पाकिस्तान को तुरंत सीजफायर की मांग करनी पड़ी। अमेरिका ने भारत के संशोधित युद्ध सिद्धांत को भी मान्यता दी है, जिसके अनुसार भविष्य में किसी भी आतंकी हमले को सीधा युद्ध समझा जाएगा।









Leave a Reply