- पाक सेना ने नागरिक विमानों को ढाल की तरह किया इस्तेमाल
- भारत ने संयम और समझदारी से बचाई हजारों जानें
- 7 और 9 मई की रात को ड्रोन और मिसाइल हमले
- IAF ने एयर डिफेंस अलर्ट किया लेकिन कोई नागरिक हताहत नहीं
- विदेश सचिव ने पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोली
भारत को फंसाने की थी साजिश, लेकिन IAF ने दिखाया संयम – बच गईं हजारों पाकिस्तानी जानें
नई दिल्ली: पाकिस्तान एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया। 7 और 9 मई की रात, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमले किए। लेकिन इस बार उसकी साजिश सिर्फ भारत को उकसाने की नहीं थी – वह अपने ही नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा था।

भारतीय वायुसेना (IAF) की सूझबूझ और संयम ने जहां भारत की जमीन को सुरक्षित रखा, वहीं हजारों पाकिस्तानी नागरिकों की जान भी बचा ली।
ड्रोन अटैक के दौरान खुला रहा पाक एयरस्पेस
पाकिस्तान ने हमले के समय अपना एयरस्पेस बंद नहीं किया। कराची से लाहौर तक की सिविल फ्लाइट्स भारतीय सीमा के पास से गुजर रही थीं। भारत ने एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा, लेकिन कोई जवाबी हमला नहीं किया जिससे नागरिकों की जान को खतरा हो।
300 से ज्यादा ड्रोन, 36 टारगेट
भारतीय रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने लेह से सायर क्रीक तक 300 से 400 ड्रोन भेजे। इनका मकसद था भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी जुटाना और एयर डिफेंस की कमजोरी तलाशना। कई ड्रोन तुर्की के असिसगार्ड सोंगर मॉडल के थे, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने मार गिराया।
भारत का संयम, पाकिस्तान की शर्मनाक साजिश
Wing Commander व्योमिका सिंह ने बताया कि पाकिस्तान ने जानबूझकर अपने नागरिक विमानों को बंद ढाल की तरह इस्तेमाल किया। अगर भारत जवाबी कार्रवाई करता तो सैकड़ों जानें जा सकती थीं, लेकिन IAF ने इंसानियत का उदाहरण पेश किया।
विदेश सचिव का दो टूक जवाब
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान के झूठे दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत पर झूठे आरोप लगा रहा है, यहां तक कि ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर ड्रोन हमले का झूठ फैलाकर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।









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