Highlights Words (For Emphasis):
जातिगत जनगणना, BTA, नरेंद्र मोदी, आरक्षण, भारत-UK व्यापार
युद्ध की आहट के बीच मोदी सरकार के दो ऐतिहासिक फैसले – जातिगत जनगणना और भारत-UK BTA समझौता
जहां एक ओर पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात दिख रहे हैं, वहीं मोदी सरकार ने देश की दिशा और दशा बदलने वाले दो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये फैसले भारत के आंतरिक सामाजिक ढांचे और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देंगे।
1. जातिगत जनगणना का फैसला – सामाजिक समीकरण में बड़ा बदलाव
जातिगत जनगणना की मांग दशकों से चली आ रही थी, और अब मोदी सरकार ने इस पर मुहर लगा दी है। 1931 के बाद यह पहला मौका होगा जब सभी जातियों के आंकड़े दर्ज किए जाएंगे।
इससे:

हर जाति की वास्तविक सामाजिक स्थिति सामने आएगी
आरक्षण नीति में बदलाव की संभावना बढ़ेगी
चुनावी रणनीतियां पूरी तरह से बदल जाएंगी
सरकार को योजनाएं बनाने में सटीकता मिलेगी
उपेक्षित वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा
2. UK के साथ BTA समझौता – कारोबार और नौकरियों में बूम
दूसरा बड़ा फैसला है ब्रिटेन के साथ BTA (Bilateral Trade Agreement) पर सहमति। 2022 से चली बातचीत के बाद अब जाकर इस पर सहमति बनी है।
इससे:
भारत को ब्रिटिश बाजार में कम टैक्स पर एक्सपोर्ट का मौका मिलेगा
टेक्सटाइल, आईटी, फार्मा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे
ग्रीन एनर्जी और फिनटेक सेक्टर में ब्रिटिश निवेश बढ़ेगा
लाखों नौकरियों के अवसर पैदा होंगे
भारत की वैश्विक साख और ताकत बढ़ेगी
चीन पर निर्भरता कम होगी
निष्कर्ष
ये दोनों फैसले केवल कागज़ पर बदलाव नहीं हैं, बल्कि ये भारत के आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक भविष्य को गहराई से प्रभावित करेंगे। जातिगत जनगणना से जहां समाज के हर तबके को बराबरी का मौका मिल सकता है, वहीं BTA से भारत का व्यापारिक परिदृश्य वैश्विक स्तर पर और भी मजबूत होगा।









Leave a Reply