☀️Highlights (मुख्य बिंदु):
NIA को पहलगाम हमले की जांच में 200 से ज्यादा फर्जी अलर्ट्स से जूझना पड़ रहा है
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर माहौल बिगाड़ने और गलत जानकारी फैलाने में सक्रिय
पाकिस्तान समर्थित फर्जी सूचनाएं जांच को भटका रही हैं
डीपफेक और पुराने वीडियो से जनता को गुमराह करने की कोशिश
पाकिस्तानी मीडिया और हैकिंग ग्रुप्स ने भारत की छवि खराब करने की साजिश रची
➡️ब्यौरा :
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हमले में 27 पर्यटकों को निशाना बनाया गया, और अब जांच में पाकिस्तान द्वारा फैलाई गई फर्जी खबरें और गलत सूचनाएं गंभीर अड़चन बन रही हैं।

फर्जी अलर्ट्स से भटक रही जांच
खुफिया सूत्रों के अनुसार, अब तक 200 से ज्यादा फर्जी अलर्ट सामने आ चुके हैं। इन झूठे सुरागों की जांच में एजेंसियों का कीमती वक्त बर्बाद हो रहा है, जिससे गोलियों की फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और 3D क्राइम सीन मैपिंग जैसे असली सबूतों पर ध्यान नहीं दिया जा पा रहा।
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी का तूफान
कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जानबूझकर गलत वीडियो और बयान वायरल कर रहे हैं। एक मामले में सोनमर्ग का वीडियो पहलगाम बताकर लोगों को भड़काने की कोशिश हुई, जबकि एक अन्य में टैक्सी ड्राइवर की छवि को खराब करने की साजिश की गई।
पाकिस्तान का फर्जी सूचना नेटवर्क
सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान एक संगठित फेक न्यूज नेटवर्क चला रहा है, जिसका मकसद है भारत की व्यवस्था में जनता का भरोसा तोड़ना। इसमें डीपफेक वीडियो, झूठे आरोप, और बिना आधार के अफवाहें शामिल हैं।
पाक मीडिया और साइबर हमला
ARY न्यूज और डॉन न्यूज जैसे पाकिस्तानी चैनल भारत पर हमला कर झूठा प्रचार कर रहे हैं। वहीं, हैकिंग ग्रुप APT36 ने फर्जी वेबसाइट बनाकर फिशिंग अटैक करने की भी कोशिश की।
जांच एजेंसियों की सतर्कता
NIA और अन्य एजेंसियां हर सूचना की बारीकी से जांच कर रही हैं। हालांकि फर्जी खबरों की भरमार ने जांच को धीमा जरूर किया है, परंतु हर सुराग अहम माना जा रहा है और कोई भी जानकारी नजरअंदाज नहीं की जा रही।









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