Highlights:
उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले पर जताया दुख।
विधानसभा में पेश हुआ हमले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव।
मुख्यमंत्री ने कहा- इस मौके पर नहीं करेंगे पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने की राजनीति।
26 लोगों की मौत पर उमर अब्दुल्ला ने जताया गहरा शोक।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से उठ रही है पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग।
➡️ Content:
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि वह इस दुखद मौके का इस्तेमाल केंद्र सरकार से पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने के लिए नहीं करेंगे। उमर ने कहा, “लानत हो मुझपर कि 26 लोगों की शहादत को सियासत का जरिया बनाऊं।”

सोमवार (28 अप्रैल) को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने पहलगाम हमले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। इस दौरान भावुक नजर आए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 21 साल बाद इस तरह का भयावह हमला देखा है। उन्होंने आगे कहा, “मेरे पास माफी मांगने के लिए शब्द नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि “जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा अभी राज्य सरकार के पास नहीं है,” और यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मौके पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग नहीं उठाएंगे।
उमर अब्दुल्ला ने कहा:
“मेरी क्या इतनी सस्ती सियासत है कि 26 लोगों की मौत के बाद केंद्र सरकार के पास जाकर पूर्ण राज्य का दर्जा मांगूं? हमने पहले भी राज्य के दर्जे की मांग की है और आगे भी करते रहेंगे, लेकिन आज इस शोक के मौके पर नहीं।”
उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल हमले की निंदा करने का है, न कि सियासत करने का।
बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – में विभाजित कर दिया था। इसके बाद से पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार उठती रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि सही समय आने पर जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा।









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