पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत के सख्त एक्शन से पाकिस्तान की हेकड़ी पूरी तरह निकल चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत पाकिस्तान के खिलाफ और भी कठोर कदम उठा सकता है। इसी दबाव में पाकिस्तान अब बैकफुट पर आ गया है और बातचीत के जरिए तनाव कम करने की गुहार लगा रहा है।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने हाल ही में एक निजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में दोनों देशों से विवादों के समाधान के लिए बातचीत की अपील की। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान सरकार ने बातचीत की पेशकश की थी, जिसे भारत ने ठुकरा दिया। लेकिन भारत पर इस ‘बातचीत’ की पेशकश का कोई असर नहीं पड़ा है और भारत पाकिस्तान को करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, और इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का सीधा हाथ माना जा रहा है। हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया, जिससे पाकिस्तान में पानी की किल्लत का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए और अटारी बॉर्डर भी बंद कर दिया।
भारत के इन फैसलों से बौखलाए पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने सहित कई कदम उठाए, लेकिन भारत पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा है।
इससे पहले बिलावल भुट्टो ने सिंध में एक रैली के दौरान धमकी दी थी कि यदि भारत ने पानी रोका तो नदियों में “खून बहेगा”। इस बयान के जवाब में भारत के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बिलावल की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के ऐसे नेता होना दुनिया के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। गोयल ने आगे कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद फैलाने के अलावा कोई काम नहीं कर रहा है।
भारत ने यह साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं होगी और पाकिस्तान को उसके हर दुस्साहस का करारा जवाब मिलेगा।









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