☀️ बिजनेस डेस्क
वारी एनर्जीज़ के शेयर इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में इस एनर्जी शेयर में 8.8% की गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद यह ₹2,590.20 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट की प्रमुख वजह लॉक-इन अवधि का खत्म होना है, जिससे करीब 15 करोड़ शेयर अब ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं।
मुख्य बातें (Highlights):
वारी एनर्जीज़ के शेयरों में लॉक-इन समाप्ति के बाद 8.8% गिरावट
15 करोड़ शेयर, कंपनी की 53% इक्विटी के बराबर, अब ट्रेडिंग के लिए एलिजिबल
कंपनी का Q4 प्रॉफिट 34.1% और रेवेन्यू 36.4% बढ़ा
ट्रंप के टैरिफ फैसले से सोलर इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट
नुवामा ने टारगेट प्राइस ₹3,622 तय कर ‘बाय’ रेटिंग दी

➡️ क्यों आई गिरावट?
नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के मुताबिक, ये 15 करोड़ शेयर कंपनी की बकाया इक्विटी का 53% हिस्सा हैं। हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि सभी शेयर तुरंत बिकेंगे, लेकिन अब उनकी ट्रेडिंग संभव हो गई है। इसी बीच कंपनी ने अपने तगड़े वित्तीय प्रदर्शन से निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
➡️शानदार तिमाही नतीजे
मार्च 2025 की तिमाही में वारी एनर्जीज़ ने 34.1% की YoY ग्रोथ के साथ ₹618.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं कंपनी का रेवेन्यू 36.4% उछलकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। EBITDA में 120% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹922.6 करोड़ रहा, और मार्जिन बढ़कर 23% पर आ गया।
➡️ट्रंप टैरिफ का असर
अमेरिका द्वारा कंबोडिया, मलेशिया, वियतनाम और थाईलैंड से आने वाले सौर उपकरणों पर भारी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने से भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। कंबोडिया पर 3,521% टैरिफ ने बाजार को चौंका दिया। इसका सीधा फायदा वारी एनर्जीज़ जैसी घरेलू सोलर कंपनियों को मिल रहा है।
➡️ब्रोकरेज की राय
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने वारी एनर्जीज़ की DCF आधारित टारगेट प्राइस ₹3,622 तय की है और शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की मार्गदर्शिका और प्रदर्शन दोनों मजबूत हैं।




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