Highlights (बोल्ड शब्द):
PLA एयरफोर्स, J-10C, YU-20, KJ-500
मिस्र के साथ सैन्य अभ्यास
चीन की रणनीतिक मौजूदगी
हथियार बाज़ार में चीन की एंट्री
अमेरिका की चिंता
ट्रंप की नींद हराम कर रहे जिनपिंग, मिस्र के साथ चीन का सैन्य अभ्यास अमेरिका के लिए नई चुनौती
चीन ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए मिस्र के साथ बड़ा सैन्य अभ्यास किया है। इस अभ्यास में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) एयरफोर्स ने अपने अत्याधुनिक J-10C और J-10S फाइटर जेट्स, YU-20 हवाई टैंकर, और पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में शामिल KJ-500 AEW&C रडार विमान को तैनात किया

वहीं, मिस्र की तरफ से रूसी-निर्मित MiG-29 लड़ाकू विमान अभ्यास का हिस्सा बने। जानकारी के मुताबिक, चीन के पांच Y-20 ट्रांसपोर्ट प्लेन और एक KJ-500 रडार विमान यूएई के रास्ते मिस्र पहुंचे।
ये दूसरा मौका है जब पिछले एक साल में चीन की सेना मिस्र में सक्रिय हुई है। पिछले साल चीन ने अपनी एरोबेटिक टीम के सात J-10 फाइटर जेट्स और एक Y-20 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मिस्र के एयर शो में भेजा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास सिर्फ सैन्य सहयोग नहीं, बल्कि रणनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव का संकेत है। चीन अब मध्य पूर्व में केवल व्यापार नहीं, बल्कि सैन्य शक्ति के जरिये भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
हथियारों के बाज़ार में चीन की नज़र
माना जा रहा है कि चीन मिस्र को हथियारों का संभावित ग्राहक मान रहा है। यह स्थिति अमेरिका के लिए चिंताजनक है, खासकर जब ईरान के साथ उसका तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। हालांकि मिस्र को अमेरिका ने 2024 में 1.3 अरब डॉलर की सैन्य सहायता दी है, लेकिन बीजिंग और काहिरा के बीच गहराता सहयोग वॉशिंगटन के लिए खतरे की घंटी है।









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