Highlights (for bullet points or summary use):
- बांग्लादेश में हिंदू नेता भाबेश चंद्र रॉय की बेरहमी से हत्या
- भारत ने बांग्लादेश सरकार को चेताया, बहानेबाजी बंद करने की नसीहत
- भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताया दुख और जताई नाराजगी
- रॉय को अगवा कर की गई क्रूर हत्या, परिवार ने बताई आपबीती
- अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जताई गई

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भारत का बांग्लादेश को सख्त संदेश: हिंदू नेता की नृशंस हत्या पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें
बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में हिंदू समुदाय के एक प्रमुख नेता भाबेश चंद्र रॉय की बेरहमी से हत्या के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और “बहानेबाजी बंद करने” की सख्त नसीहत दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
“हम बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक नेता श्री भाबेश चंद्र रॉय के अपहरण और क्रूर हत्या से दुखी हैं। यह घटना बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे लगातार हमलों का हिस्सा प्रतीत होती है, जबकि पहले के मामलों में दोषी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।”
भारत ने दो टूक कहा कि बांग्लादेश को बिना किसी भेदभाव और बहाने के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
अगवा कर की गई हत्या
रिपोर्ट्स के अनुसार, भाबेश चंद्र रॉय को दिनाजपुर के बसुदेबपुर गांव से अगवा किया गया। उनकी पत्नी शांतना के मुताबिक, शाम करीब 4:30 बजे एक संदिग्ध फोन कॉल आया, जिसके बाद चार लोग दो मोटरसाइकिल पर आए और रॉय को जबरन ले गए। बाद में उनका शव नाराबारी गांव में बरामद हुआ, जहां उन्हें बेरहमी से पीटा गया था।
रॉय बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष थे और स्थानीय हिंदू समुदाय के एक प्रभावशाली नेता माने जाते थे। बिराल पुलिस स्टेशन के अनुसार, इस हत्याकांड को लेकर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
यह घटना न केवल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है, बल्कि भारत-बांग्लादेश रिश्तों में भी तनाव का कारण बन सकती है।




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