हाइलाइट्स (Highlights):
सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुनवाई के बीच निशिकांत दुबे के बयान से सियासी घमासान
बीजेपी सांसद ने सुप्रीम कोर्ट और CJI संजीव खन्ना पर लगाए गंभीर आरोप
सलमान खुर्शीद बोले- सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाना लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ
‘कोर्ट का फैसला ही होता है अंतिम’, बोले कांग्रेस नेता
अनुच्छेद 141 और 368 का हवाला देकर दुबे ने अदालत की भूमिका पर खड़े किए सवा

न्यूज आर्टिकल (Rewritten for Website):
वक्फ कानून पर विवाद बढ़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुनवाई के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर की गई टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
निशिकांत दुबे का बयान
बीजेपी सांसद ने कहा, “अगर कानून सुप्रीम कोर्ट ही बनाएगा, तो संसद को बंद कर देना चाहिए।” उन्होंने यहां तक कह दिया कि सुप्रीम कोर्ट देश में गृहयुद्धों का कारण बन रहा है और इसके लिए उन्होंने सीधे मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को जिम्मेदार ठहराया। दुबे ने यह भी कहा, “मुझे चेहरा दिखाओ, मैं तुम्हें कानून दिखा दूंगा – यही सुप्रीम कोर्ट का नया एजेंडा बन गया है।”
उन्होंने अनुच्छेद 141 और अनुच्छेद 368 का हवाला देते हुए कहा कि संसद को कानून बनाने का अधिकार है, और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय बाध्यकारी हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सुप्रीम कोर्ट कानून बना सकती है।
सलमान खुर्शीद की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, “हमारी न्यायपालिका पर भरोसा और गर्व है। अगर सांसद अदालत पर सवाल उठाएंगे, तो यह बेहद दुखद है।”
खुर्शीद ने यह भी कहा, “अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट का होता है, सरकार का नहीं। अगर कोई यह नहीं समझता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
नियुक्तियों और राष्ट्रपति को निर्देश पर भी सवाल
निशिकांत दुबे ने यह भी सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति को कैसे निर्देश दे सकती है कि वे विधेयकों पर कितने समय में निर्णय लें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला चलता रहा तो देश अराजकता की ओर बढ़ेग




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