वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पारित, अब राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी
राज्यसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित कर दिया है, जिसके पक्ष में 128 वोट और विपक्ष में 95 वोट पड़े। पहले ही लोकसभा से पारित हो चुका यह बिल अब राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
वक्फ बिल पर चर्चा और हंगामा
बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 सदस्य होंगे, जिनमें 4 से अधिक गैर-मुस्लिम नहीं होंगे। उन्होंने विपक्ष के उन दावों को खारिज किया, जिसमें कहा गया कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने का प्रयास कर रही है।

जब भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला, तो सदन में हंगामा हुआ। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने भी हस्तक्षेप कर विपक्ष को जवाब दिया।
विपक्ष के संशोधनों को ठुकराया गया
राज्यसभा में विपक्ष ने 139 संशोधन प्रस्तावित किए थे, लेकिन सभी खारिज कर दिए गए। सभापति जगदीप धनखड़ ने वोटिंग के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे वोट करने की दूर-दूर तक जरूरत नहीं है।”
विपक्ष का विरोध और समर्थन में तर्क
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बिल में कई खामियां हैं और यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर प्रहार है। वहीं, केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने जवाब दिया कि सरकार मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वक्फ संपत्ति से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
अब क्या होगा आगे?
अब यह बिल राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून का रूप ले लेगा। इस पर देशभर में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-समर्थन जारी है।









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