मोहम्मद यूनुस ने चीन यात्रा में भारत के खिलाफ बोए कांटे, उठे बड़े सवाल
बीजिंग: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपनी चीन यात्रा के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर विवादित बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने चीन से बांग्लादेश में 2.1 बिलियन डॉलर निवेश का वादा तो हासिल किया, लेकिन इसके साथ ही भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से बयानबाजी कर दी।
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का दिया विवादित बयान
यूनुस ने चीन में कहा कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, समुद्र से कटे हुए हैं और बांग्लादेश ही उनकी समुद्री पहुंच का इकलौता मार्ग है। उन्होंने चीन से इस भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाने और बांग्लादेश में निवेश बढ़ाने की अपील की।

भारत में बढ़ा आक्रोश, सरकार ने मांगा बयान वापस
यूनुस के इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार से सवाल किए हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने भी इसे चिंताजनक बताया है।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने मोहम्मद यूनुस से यह बयान वापस लेने की मांग की है। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि यह बयान चीन के इशारे पर दिया गया, ताकि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में अस्थिरता फैलाई जा सके।
भारत के खिलाफ चीन के साथ मिलकर नई रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक समझौतों को नजरअंदाज करता है। भारत के पास विस्तृत समुद्री सीमा और कई प्रमुख बंदरगाह हैं, जो पूरे देश की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। ऐसे में यूनुस का यह दावा गुमराह करने वाला है।









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