मोहम्मद यूनुस ने चीन यात्रा में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर दिया विवादित बयान!
नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस एक बार फिर भारत विरोधी बयानबाजी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में चीन यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिससे भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यूनुस ने चीन से बांग्लादेश में निवेश की अपील की और इसके बदले पूर्वोत्तर राज्यों की भूगोलिक स्थिति का हवाला दिया।
चीन में मांगा निवेश, भारत को किया निशाना
मोहम्मद यूनुस ने अपनी चार दिवसीय चीन यात्रा के दौरान कहा कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य (जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है) समुद्र से कटे हुए हैं और बांग्लादेश इन राज्यों के लिए समुद्र तक पहुंच का इकलौता माध्यम है। उन्होंने चीन से बांग्लादेश में 2.1 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा भी हासिल किया। लेकिन इस बयान को भारत के भू-राजनीतिक समीकरणों के खिलाफ देखा जा रहा है।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने यूनुस के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे इसे वापस लेने की मांग की है। भारत का कहना है कि यह बयान गलत तथ्यों पर आधारित है और भारत-बांग्लादेश व्यापार समझौतों की अनदेखी करता है।
राजनीतिक बहस और मोदी सरकार से सवाल
यूनुस के बयान पर भारतीय राजनीति में भी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया है कि क्या बांग्लादेश अब चीन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ रणनीति बना रहा है? वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने भी यूनुस के बयान पर नाराजगी जताई है।
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर गलत जानकारी
विशेषज्ञों का कहना है कि यूनुस का दावा भ्रामक है क्योंकि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। भारत के पास अपनी लंबी समुद्री सीमा और बड़े बंदरगाह हैं, जो पूरे देश की जरूरतों को पूरा करते हैं।
क्या बांग्लादेश चीन के इशारे पर खेल रहा है?
यूनुस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और बांग्लादेश के संबंध सामान्य हैं, लेकिन चीन का बढ़ता दखल नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय बन सकता है। सवाल यह है कि क्या बांग्लादेश चीन के इशारे पर भारत के खिलाफ नई रणनीति बना रहा है?









Leave a Reply