ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर, ट्रंप प्रशासन ने दिया खुला समर्थन
मिडिल ईस्ट में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को ईरानी ठिकानों पर हमले की खुली छूट दे दी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

यमन में अमेरिका की बमबारी, ईरान को घेरने की रणनीति?
यमन के हूती विद्रोही, जो ईरान समर्थित माने जाते हैं, लगातार लाल सागर में शिपिंग और इजरायल पर हमले कर रहे हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने 15 मार्च से बड़े हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ किया है कि अगर हूती हमले बंद नहीं हुए, तो ईरान को भी इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
इजरायल को ग्रीन सिग्नल, ईरान पर बड़ा हमला संभव
ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी छूट दे दी है। हाल ही में अमेरिकी B-52 बमवर्षक विमानों और इजरायली F-35I फाइटर जेट्स ने संयुक्त युद्धाभ्यास किया, जिसे ईरान के खिलाफ संभावित हमले की तैयारी माना जा रहा है।

ईरान के लिए दो ही विकल्प – युद्ध या परमाणु समझौता?
ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही कमजोर हो चुका है, और रूस से S-400 सिस्टम की डिलीवरी में भी देरी हो रही है। इसके अलावा, अमेरिका चीन पर दबाव बना रहा है कि वह ईरानी तेल खरीदना बंद करे, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
अब ईरान के सामने दो ही रास्ते बचे हैं – या तो परमाणु समझौते की शर्तें मान ले या फिर युद्ध के लिए तैयार हो जाए। सवाल ये है कि ईरान कब तक ट्रंप के इस दबाव को झेल पाएगा?
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