माचना एनीकट में लाल और हरा रंग मिलाया, पीने का पानी हुआ असुरक्षित
बैतूल: शहर को जल आपूर्ति करने वाले माचना एनीकट में कुछ शरारती तत्वों ने लाल और हरा रंग मिला दिया, जिससे पीने के पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना रविवार और सोमवार को सामने आई, जब कुछ लोगों को एनीकट में रंग मिलाते देखा गया, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एनीकट के पास कचरा फेंकने वालों की संख्या भी अधिक है। कई लोग प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा पानी में डालकर इसे दूषित कर रहे हैं।
खतरनाक तत्वों की मौजूदगी
विशेषज्ञों के अनुसार, इन रंगों में मर्करी सल्फाइड, कॉपर सल्फेट और सीसा ऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो त्वचा में जलन, खुजली और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, इनका प्रभाव आंखों और श्वसन तंत्र पर भी पड़ सकता है।
नगरपालिका द्वारा पानी को फिल्टर प्लांट में ट्रीटमेंट के लिए भेजा जाता है, लेकिन इस तरह के रासायनिक प्रदूषकों को पूरी तरह से हटाना मुश्किल होता है।
बच्चों और बुजुर्गों को खतरा
मर्करी सल्फाइड से लाल रंग, कॉपर सल्फेट से हरा रंग और सीसा ऑक्साइड से काला रंग बनता है, जो गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह पानी अधिक हानिकारक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
एसडीएम सतीश मसानी ने कहा कि यदि फिल्टर प्लांट में भी इस तरह के तत्व पाए जाते हैं, तो गंभीर जांच और कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पेयजल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।




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