मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग, अमेरिका खुलकर आया इजरायल के समर्थन में
इजरायल इस वक्त एक साथ हमास, हिजबुल्लाह, हूती और ईरान से मोर्चा ले रहा है। गाजा से लेकर लेबनान, सीरिया, इराक और यमन तक हालात युद्धग्रस्त हैं। अमेरिका ने भी खुलकर इस जंग में इजरायल का समर्थन किया है और मिडिल ईस्ट में अपने दो कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात कर दिए हैं।

फिर से छिड़ी जंग: इजरायल पर हमले तेज
पहले सीजफायर के बाद हालात कुछ शांत हुए थे, लेकिन अब एक बार फिर से हमास, हिजबुल्लाह और हूती संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। लेबनान से इजरायल पर तीन महीनों बाद पहली बार रॉकेट दागे गए। इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने लेबनान में कई ठिकानों पर जबरदस्त एयर स्ट्राइक की।
अमेरिका ने तैनात किए दो जंगी बेड़े
अमेरिका ने अपने USS हैरी ए ट्रूमैन और USS कार्ल विंसन स्ट्राइक ग्रुप को तैनात किया है। इन पर 180 से ज्यादा एयरक्राफ्ट, F-35C फाइटर जेट, EA-18G इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट, E-2D एयरबोर्न कमांड एयरक्राफ्ट और MH-60 हेलिकॉप्टर तैनात हैं। अमेरिका हूती विद्रोहियों की गतिविधियों पर खास नजर बनाए हुए है और इजरायल को उनकी हर हरकत की जानकारी दे रहा है।
ईरान की खुली भूमिका, युद्ध के बढ़ने का खतरा
ईरान लगातार हमास, हिजबुल्लाह और हूती को मदद दे रहा है। यमन से इजरायल की दूरी करीब 2000 किलोमीटर है, लेकिन हूती विद्रोही वहां से बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव बढ़ने से यह जंग और खतरनाक मोड़ ले सकती है।
दुनिया दो धड़ों में बंटी, नया शक्ति संतुलन बन रहा
रूस-यूक्रेन युद्ध की तरह इजरायल-हमास संघर्ष ने भी दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है। अमेरिका और यूरोप खुलकर इजरायल के समर्थन में हैं, जबकि रूस, चीन, ईरान और खाड़ी देशों का झुकाव फिलिस्तीन की ओर है। इससे मध्य पूर्व में हालात और जटिल होते जा रहे हैं।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में हालात तेज़ी से बदल रहे हैं। इजरायल पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई कर रहा है, वहीं अमेरिका अब खुलकर इस जंग में शामिल हो चुका है। ईरान की बढ़ती भूमिका ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है।




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