‘हमने धोखा दिया, जंग की, फिर भी भारत ने गले लगाया’ – पूर्व पाक विदेश मंत्री की स्वीकारोक्ति
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने भारत की दरियादिली को याद करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध और धोखे के बावजूद भारत ने पाकिस्तान को गले लगाया। उन्होंने माना कि मौजूदा समय में भारत-पाकिस्तान संबंध सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात कभी भी बदल सकते हैं।
बातचीत ही है एकमात्र समाधान
लाहौर में इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कनेक्टिविटी (IPAC) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कसूरी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत ही सभी लंबित मुद्दों का हल निकाल सकती है। उन्होंने कारगिल युद्ध के बाद भी बातचीत शुरू होने का जिक्र करते हुए कहा कि अगर दोनों देश शांतिपूर्ण समाधान का मौका चूक जाते हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

भारत की जनता चाहती है शांति
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. मनमोहन सिंह की पहल को याद करते हुए कसूरी ने कहा कि भारत की जनता पाकिस्तान के साथ शांति और अच्छे संबंध चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल 2021 में पाकिस्तान यात्रा पर जाने वाले थे, जहां वे हिंगलाज माता मंदिर के दर्शन के साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने वाले थे।
परवेज मुशर्रफ का भारत में स्वागत
कसूरी ने यह भी याद दिलाया कि कारगिल युद्ध के सूत्रधार परवेज मुशर्रफ का भारत ने गर्मजोशी से स्वागत किया था। उन्होंने 2015 में पीएम मोदी के लाहौर दौरे को भी एक बड़ी पहल बताया, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की संभावना बनी थी।
क्या भारत-पाक रिश्तों में आएगा बदलाव?
हालांकि मौजूदा समय में भारत-पाक रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन कसूरी का मानना है कि दोनों देशों के बीच अचानक सकारात्मक बदलाव संभव हैं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के पास पहले से ही कश्मीर मुद्दे के समाधान का एक सहमत खाका मौजूद है, जिसे दोनों देशों को अपनाने की जरूरत है।




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