SEO-Friendly Title: “DMK पर अमित शाह का हमला: ‘भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाषा को बना रहे हथियार’”
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाषा विवाद को लेकर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए भाषा को हथियार बना रही है।
शाह ने राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान कहा, “हिंदी किसी भी भारतीय भाषा से प्रतिस्पर्धा नहीं करती, बल्कि सभी भारतीय भाषाओं की सखी है। हिंदी और भारतीय भाषाएं एक-दूसरे को मजबूत करती हैं।”

तमिलनाडु बनाम केंद्र: भाषा विवाद पर बढ़ी तकरार
तमिलनाडु सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत त्रि-भाषा फार्मूले का विरोध कर रही है और राज्य में तमिल-अंग्रेजी की द्वि-भाषा नीति को जारी रखना चाहती है। डीएमके का आरोप है कि केंद्र सरकार हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है, जबकि अमित शाह ने इसे सिरे से नकार दिया।
अनुवाद के लिए नया ऐप और मातृभाषा में पत्राचार
अमित शाह ने घोषणा की कि एक नया ऐप बनाया जाएगा, जो सभी भारतीय भाषाओं को हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद करने में मदद करेगा। दिसंबर के बाद केंद्र सरकार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और सांसदों से उनकी मातृभाषा में ही पत्राचार करेगी।
“भाषा का राजनीतिकरण बंद करें” – अमित शाह
गृह मंत्री ने डीएमके को आड़े हाथ लेते हुए कहा, “कुछ लोग अपने घोटालों और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए भाषा का मुद्दा उठाते हैं। लेकिन अब हम गांव-गांव जाकर उनकी पोल खोलेंगे।” उन्होंने कहा कि भारत की हर भाषा हमारी संस्कृति का गहना है, और बीजेपी भारतीय भाषाओं के उत्थान के लिए काम कर रही है।
मेडिकल-इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिल में
शाह ने यह भी कहा कि अगर तमिलनाडु सरकार मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को तमिल में उपलब्ध नहीं कराती, तो भविष्य में केंद्र सरकार इसे पूरा करेगी।
“हम भारतीय भाषाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।” – अमित शाह
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