
बैतूल में व्यापारी की हत्या का खुलासा, संपत्ति के लालच में दिया वारदात को अंजाम
बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के गंज क्षेत्र में हुई व्यापारी अशोक पवार की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वजह संपत्ति का लालच बताया जा रहा है।
क्या हुआ था उस रात?
यह घटना 18 मार्च 2025 की रात करीब 9:39 बजे की है। व्यापारी अशोक पवार अपनी दुकान पर थे, तभी दो हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक पवार गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
हत्या के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध युवक नजर आए, जो घटना से पहले दुकान के पास रेकी कर रहे थे। फुटेज में साफ दिखा कि एक युवक दुकान में घुसा और अशोक पवार को गोली मार दी।
तेजी से हुई पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक निखिल एन. झारिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के मार्गदर्शन में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की मदद और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं आरोपी?


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय राजेश गिरि गोस्वामी और 40 वर्षीय विलेश गिरि के रूप में हुई है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल वाहन और एक देसी कट्टा भी बरामद किया है।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन इस मामले में शामिल एक और संदिग्ध अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम लगातार दबिश दे रही है।

हत्या की वजह – संपत्ति विवाद
जांच में सामने आया कि व्यापारी अशोक पवार की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक की पत्नी के मायके पक्ष से जुड़े मुख्य आरोपी मुनू बोला भाई ने संपत्ति का हिस्सा देने का लालच दिया था, जिसके चलते आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस टीम की मेहनत लाई रंग
इस मामले को सुलझाने में बैतूल पुलिस की कई टीमों ने दिन-रात मेहनत की। साइबर सेल, सीसीटीवी विश्लेषण टीम और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में थाना प्रभारी अरविंद कुमार सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।









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