नई दिल्ली: ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ हत्या के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो 17 मार्च से देशभर में प्रदर्शन शुरू होगा, और वह स्वयं दिल्ली के रामलीला मैदान में धरने पर बैठेंगे।
सरकार पर साधा निशाना
शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे गौ प्रेमी होने का दावा तो करते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे भिन्न है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों के आंकड़े देखें तो गौ हत्या के मामलों में कोई विशेष कमी नहीं आई है।
गौ माता को मिले कानूनी दर्जा
प्रेस वार्ता में शंकराचार्य ने राजनीतिक दलों से सवाल किया कि यदि वे सच में गौ माता को पूजनीय मानते हैं, तो उसे कानूनी दर्जा क्यों नहीं देते? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में गौ माता के नाम पर वोट मांगे जाते हैं, लेकिन उसके संरक्षण के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई जाती।

आईबी कर रही पूछताछ
शंकराचार्य ने बताया कि उनकी गतिविधियों पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की नजर है और वे लगातार पूछताछ कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और इसमें किसी प्रकार की अव्यवस्था या सड़क जाम नहीं किया जाएगा।
125 करोड़ गौ भक्तों की आवाज बनेगा यह आंदोलन
उन्होंने कहा कि जैसे प्रधानमंत्री मोदी विदेशों में जाकर 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करने की बात करते हैं, वैसे ही वह 125 करोड़ गौ प्रेमियों की ओर से रामलीला मैदान में बैठकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।









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