
डोनाल्ड ट्रंप समाचार: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों और अस्थायी रूप से कानूनी रूप से देश में रहने वाली माताओं के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त करने की योजना का ऐलान किया है। अब यह सवाल उठता है कि क्या भारतीय-अमेरिकी उषा वेंस को ट्रंप के इस आदेश के बाद अपनी अमेरिकी नागरिकता खोने का खतरा है?
क्या डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद उषा वेंस अपनी अमेरिकी नागरिकता खो सकती हैं?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध प्रवासियों और अस्थायी रूप से कानूनी रूप से अमेरिका में रहने वाली माताओं के बच्चों के लिए जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त करने का फैसला किया है। इस निर्णय का असर भारतवंशी उषा वेंस, जो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी हैं, पर भी पड़ सकता है। उषा के माता-पिता, कृष और लक्ष्मी चिलुकुरी, 1980 के दशक में भारत से अमेरिका आए थे और इस वक्त उषा की नागरिकता पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि उनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं थे जब उषा का जन्म हुआ था।
हालांकि, ट्रंप के प्रस्तावित आदेश के अनुसार, यह बदलाव केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश के लागू होने के 30 दिन बाद अमेरिका में पैदा होंगे, यानी उषा की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन, इससे H-1B, H-4 या F-1 वीजा पर रह रहे माता-पिता के बच्चों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे बच्चों को अब जन्म से अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल पाएगी।
इस फैसले का असर उन लाखों भारतीयों पर भी पड़ेगा जो ग्रीन कार्ड के लिए दशकों से इंतजार कर रहे हैं।
इस प्रस्तावित आदेश ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस की चिंता को बढ़ा दिया है, क्योंकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग यह अटकलें लगा रहे हैं कि उषा वेंस अपनी अमेरिकी नागरिकता खो सकती हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि उषा के जन्म के समय उनके माता-पिता, कृष और लक्ष्मी चिलुकुरी, अमेरिकी नागरिक नहीं थे। कृष और लक्ष्मी 1980 के दशक में भारत के आंध्र प्रदेश से अमेरिका आए थे, लेकिन सार्वजनिक जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने कब अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की।
उषा वेंस के माता-पिता कृष और लक्ष्मी चिलुकुरी हैं। कृष एक एयरोस्पेस इंजीनियर हैं और सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी में लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनकी मां लक्ष्मी एक जीवविज्ञानी हैं और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो में प्रोवोस्ट के रूप में काम कर रही हैं। दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
कृष और लक्ष्मी चिलुकुरी दोनों ने अपने-अपने करियर में अद्वितीय सफलता प्राप्त की है। कृष एक प्रतिष्ठित एयरोस्पेस इंजीनियर हैं और वर्तमान में सैन डिएगो स्टेट यूनिवर्सिटी में लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। वहीं, उनकी पत्नी लक्ष्मी एक अनुभवी जीवविज्ञानी हैं और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो में प्रोवोस्ट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। दोनों ने अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने एक्स (Twitter) पर लिखा है, “MAGA और लिबर्टेरियन पहले और दूसरे संशोधन की रक्षा के लिए लड़ेंगे, लेकिन 14वें संशोधन पर वे रेखा खींचते हैं। अगर आप 14वें संशोधन को स्पष्ट कर रहे हैं, तो उषा वेंस या विवेक रामास्वामी की स्थिति को भी स्पष्ट करें।”
इस पर सवाल उठता है कि क्या उषा वेंस अपनी अमेरिकी नागरिकता खो सकती हैं? डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित आदेश में यह लिखा गया है कि कुछ खास परिस्थितियों में, अमेरिका में जन्मे व्यक्ति को स्वचालित रूप से नागरिकता नहीं मिलेगी। विशेषकर उन मामलों में, जब व्यक्ति के जन्म के समय उसकी मां अमेरिका में अवैध रूप से मौजूद थी या अगर उसकी मां का अमेरिका में रहना कानूनी लेकिन अस्थायी था (जैसे, वीजा या पर्यटक वीजा पर) और पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं था।
हालांकि, इस प्रस्तावित आदेश में एक अन्य धारा भी है, जिसमें कहा गया है कि यह नियम केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश के लागू होने के 30 दिनों बाद अमेरिका में जन्मे होंगे। इसका मतलब है कि उषा वेंस की नागरिकता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह पहले ही अमेरिकी नागरिक हैं।
इस बदलाव से मुख्य रूप से H-1B, H-4, या F-1 वीजा पर रहने वाले माता-पिता के बच्चों पर असर पड़ेगा। यह नियम उन बच्चों पर लागू होगा जिनके माता-पिता ग्रीन कार्ड होल्डर या अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। इस फैसले का असर लाखों भारतीयों पर भी पड़ेगा जो ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनमें से कई दशकों से इसका इंतजार कर रहे हैं।
एक सोशल मीडिया यूजर ने एक्स (Twitter) पर लिखा है, “MAGA और लिबर्टेरियन पहले और दूसरे संशोधन की रक्षा के लिए लड़ेंगे, लेकिन 14वें संशोधन पर वे रेखा खींचते हैं। अगर आप 14वें संशोधन को स्पष्ट कर रहे हैं, तो उषा वेंस या विवेक रामास्वामी की स्थिति को भी स्पष्ट करें।”

इस पर सवाल उठता है कि क्या उषा वेंस अपनी अमेरिकी नागरिकता खो सकती हैं? डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित आदेश में यह लिखा गया है कि कुछ खास परिस्थितियों में, अमेरिका में जन्मे व्यक्ति को स्वचालित रूप से नागरिकता नहीं मिलेगी। विशेषकर उन मामलों में, जब व्यक्ति के जन्म के समय उसकी मां अमेरिका में अवैध रूप से मौजूद थी या अगर उसकी मां का अमेरिका में रहना कानूनी लेकिन अस्थायी था (जैसे, वीजा या पर्यटक वीजा पर) और पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं था।
हालांकि, इस प्रस्तावित आदेश में एक अन्य धारा भी है, जिसमें कहा गया है कि यह नियम केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश के लागू होने के 30 दिनों बाद अमेरिका में जन्मे होंगे। इसका मतलब है कि उषा वेंस की नागरिकता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह पहले ही अमेरिकी नागरिक हैं।
इस बदलाव से मुख्य रूप से H-1B, H-4, या F-1 वीजा पर रहने वाले माता-पिता के बच्चों पर असर पड़ेगा। यह नियम उन बच्चों पर लागू होगा जिनके माता-पिता ग्रीन कार्ड होल्डर या अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। इस फैसले का असर लाखों भारतीयों पर भी पड़ेगा जो ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनमें से कई दशकों से इसका इंतजार कर रहे हैं।









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