- केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए 40 सांसदों की टीम बनाई
- ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद बनाया गया डेलिगेशन
- टीम को 7 भागों में विभाजित किया गया है
- यूसुफ पठान ने विदेश दौरे में शामिल होने से मना किया
- टीएमसी ने बिना सलाह के नाम शामिल करने पर जताई नाराजगी
यूसुफ पठान ने किया पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करने वाले संसदीय डेलिगेशन में शामिल होने से इनकार, बोले- “उपलब्ध नहीं हूं”
केंद्र सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए 40 सांसदों की एक संसदीय टीम का गठन किया है। इस दल का उद्देश्य है कि वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की करतूतों को उजागर किया जा सके। यह टीम सात डेलिगेशन में विभाजित है।

इस टीम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल था। लेकिन अब खबर सामने आ रही है कि यूसुफ पठान ने इस डेलिगेशन का हिस्सा बनने से मना कर दिया है। उन्होंने सरकार को सूचित किया है कि विदेश दौरे के दौरान वह “उपलब्ध नहीं” होंगे।
पठान ने सरकार से किया था सीधा संपर्क
सूत्रों के अनुसार, यूसुफ पठान को सीधे केंद्र सरकार की ओर से संपर्क किया गया था। यह जानकारी टीएमसी पार्टी के साथ साझा नहीं की गई थी। यूसुफ ने भी इस मुद्दे पर भारत सरकार से सीधा संवाद किया और स्पष्ट किया कि वे उस समय यात्रा पर उपलब्ध नहीं होंगे।
टीएमसी ने जताई नाराजगी
यूसुफ पठान के इनकार के बाद टीएमसी पार्टी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पार्टी ने कहा है कि यूसुफ पठान का नाम जोड़ने से पहले सरकार ने किसी प्रकार की सलाह नहीं ली। उनका कहना है कि विदेश नीति केंद्र सरकार का विषय है और इसकी जिम्मेदारी भी उन्हें ही लेनी चाहिए।




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