- ऑपरेशन सिंदूर के तहत मोदी सरकार ने शशि थरूर को अमेरिकी जोन की कमान सौंपी।
- सरकार की लिस्ट में थरूर का नाम, लेकिन कांग्रेस की आधिकारिक लिस्ट से गायब।
- राहुल गांधी ने कांग्रेस की तरफ से चार अलग नाम भेजे हैं।
- थरूर ने X (Twitter) पर प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पर जताई खुशी।
- एस. जयशंकर को मिली बुलेटप्रूफ सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत सरकार ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए मोदी सरकार ने एक मल्टी पार्टी डेलिगेशन का गठन किया है। इस डेलिगेशन में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को अमेरिका और यूरोप की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन कांग्रेस की ओर से भेजी गई लिस्ट में थरूर का नाम ही नहीं है – और यहीं से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

सरकार द्वारा जारी डेलिगेशन लिस्ट में सात सांसदों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें शामिल हैं:
- शशि थरूर (कांग्रेस)
- रविशंकर प्रसाद (भाजपा)
- संजय झा (जदयू)
- बैजयंत पंडा (भाजपा)
- कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके)
- सुप्रिया सुले (एनसीपी)
- श्रीकांत शिंदे (एनसीपी)
कांग्रेस की लिस्ट में थरूर का नाम नहीं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने X पर बताया कि सरकार के अनुरोध पर राहुल गांधी ने कांग्रेस की ओर से चार सांसदों के नाम भेजे, जिनमें शशि थरूर शामिल नहीं हैं। ये नाम हैं:
- आनंद शर्मा
- गौरव गोगोई
- डॉ. सैयद नसीर हुसैन
- राजा बरार
इस पर शशि थरूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भारत सरकार ने हालिया घटनाओं पर देश का पक्ष रखने के लिए जो जिम्मेदारी दी है, वह सम्मान की बात है। राष्ट्रहित में मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा। जय हिंद!”
एस. जयशंकर को मिली बुलेटप्रूफ सुरक्षा
22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बड़ा जवाब दिया। इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सुरक्षा को बढ़ाया गया है। गृह मंत्रालय ने उनके काफिले में दो बुलेटप्रूफ वाहन जोड़े हैं और उनके आवास की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।
जयशंकर को अब Z श्रेणी सुरक्षा प्राप्त है, जिसमें 22 सुरक्षाकर्मी, NSG कमांडो, CRPF जवान और बुलेटप्रूफ वाहन शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक सुरक्षा कदम नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक दृढ़ता का भी संकेत है।









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