- तुर्की के पाकिस्तान समर्थन पर भारत में बायकॉट की लहर
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने तुर्की की ट्रैवल बुकिंग रोकी
- व्यापारियों ने तुर्की सेबों का किया बहिष्कार
- सेब की मांग ईरान, वॉशिंगटन और न्यूज़ीलैंड की ओर शिफ्ट
- कश्मीर से सेब सप्लाई भी बारिश और तनाव से प्रभावित
ख़बर:
भारत में तुर्की का बहिष्कार तेज़ी से जोर पकड़ रहा है, वजह है तुर्की का पाकिस्तान का समर्थन करना। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई को जहां दुनियाभर से समर्थन मिला, वहीं तुर्की ने पाकिस्तान का साथ देकर भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष रुख अपनाया।

इसी के चलते भारत में ‘Boycott Turkey’ की मुहिम शुरू हो गई है। EaseMyTrip और Ixigo जैसे बड़े ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स ने तुर्की के लिए फ्लाइट और होटल बुकिंग को बंद कर दिया है। वहीं व्यापारियों ने भी तुर्की से आने वाले सेबों का बहिष्कार कर दिया है, जिससे अब तुर्की के सेब बाजार से गायब होते जा रहे हैं।
अब कहां से आ रहे हैं सेब?
तुर्की से सेबों का आयात रुकने के बाद ईरान, वॉशिंगटन और न्यूज़ीलैंड से सेब मंगाए जा रहे हैं। इससे 10 किलो सेब की थोक कीमत में 200-300 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि खुदरा बाजार में 20-30 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है।
कश्मीर की सप्लाई पर असर
बारिश और पहलगाम की तनावपूर्ण स्थिति से कश्मीर से सेब की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। वहां के सेब विशेष तकनीक से स्टोर किए जाते हैं, ताकि सालभर सप्लाई बनी रहे, लेकिन मौजूदा हालात में यह चेन भी प्रभावित हो रही है।
तुर्की से भारत क्या-क्या आयात करता है?
भारत तुर्की से खनिज तेल, मशीनरी, पत्थर, अकार्बनिक रसायन, कीमती धातुएं, फल और मेवे (सेब, चेरी, हेज़लनट), जैतून का तेल, बकलावा, कपड़े और ब्रांडेड परिधान जैसे Koton, LC Waikiki इत्यादि आयात करता है। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष में भारत ने तुर्की के सेब का 50% अधिक आयात किया था।









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