- भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट कहा: पहले खाली करो PoK, तभी होगी बातचीत
- विदेश मंत्रालय: कश्मीर पर कोई तीसरा पक्ष मंजूर नहीं
- DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुआ सीजफायर
- पाकिस्तान के एयरबेस पर हमले के बाद बदले सुर
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापार दावे को भारत ने खारिज किया
भारत ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी: “पहले खाली करो PoK, तभी होगी बातचीत”
नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) खाली किए बिना पाकिस्तान से कोई द्विपक्षीय बातचीत संभव नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर तीसरे पक्ष की कोई भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “कश्मीर पर पाकिस्तान से बात का केवल एक ही मुद्दा है — उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को भारत को लौटाना।” उन्होंने बताया कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत हुई थी, जिसके बाद पाकिस्तान की ओर से अनुरोध आया।
पाकिस्तान के एयरबेस पर हमला बना सीजफायर की वजह
जायसवाल ने जानकारी दी कि पाकिस्तान के एयरबेस पर हुए भारतीय हवाई हमले के बाद ही पाकिस्तान के रुख में बदलाव आया। उस दिन तकनीकी कारणों से डीजीएमओ के बीच संपर्क में देरी हुई, लेकिन 15:35 बजे कॉल के जरिए सीजफायर की बात पूरी हुई।
ट्रंप के दावे को भारत ने किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान सीजफायर में व्यापार का दबाव काम आया, लेकिन भारत ने इस दावे को सिरे से नकार दिया। जायसवाल ने कहा कि व्यापार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी।
पानी पर भी रोक, आतंकवाद पर दो टूक
भारत ने यह भी साफ किया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि के तहत पानी नहीं दिया जाएगा। साथ ही आतंकी संगठन TRF के खिलाफ भारत जल्द UNSC को और सबूत सौंपेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हार को भी जीत बताने की कोशिश करता है और इस बार भी वही कर रहा है।









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