- ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत-पाक तनाव में आई नरमी
- एयर मार्शल भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनाई रामचरितमानस की चौपाई
- पाक सेना की गलती से हुआ बड़ा नुकसान: एयर फोर्स
- दिनकर की कविता से शुरू हुआ मीडिया ब्रीफिंग का वीडियो
- भारतीय सेना पूरी तरह ऑपरेशनल, अगली कार्रवाई के लिए तैयार
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब सीमाओं पर शांति देखी जा रही है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन तीनों सेनाओं के DGMO स्तर के अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान भारतीय वायुसेना के डीजी ऑपरेशंस, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने न सिर्फ पाकिस्तानी सेना को करारा जवाब दिया, बल्कि रामचरितमानस की चौपाई सुनाकर एक गहरा संदेश भी दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत सेना की ओर से एक विशेष वीडियो से हुई, जिसमें ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान किए गए अभियानों की झलक दिखाई गई। इस वीडियो में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की मशहूर पंक्ति — “जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है” सुनाई दी, जिसने पूरे माहौल को जोशीला बना दिया।
एयर मार्शल भारती ने दो टूक कहा कि पाक सेना की गलती से ही उसे नुकसान झेलना पड़ा। ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने न केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि पाक द्वारा दागी गई चीनी मिसाइलों को भी मार गिराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने में पूरी तरह विफल रहा।
जब पत्रकारों ने दिनकर की कविता का आशय जानना चाहा, तो एयर मार्शल भारती ने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई से जवाब दिया:
“विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति।”
इस पर वहां मौजूद पत्रकारों और अधिकारियों ने तालियों से उनका समर्थन किया।
उन्होंने आगे कहा, “हमारे सभी इक्विपमेंट्स अभी भी ऑपरेशनल हैं और अगर जरूरत पड़ी तो हम और भी सटीक और तीव्रता से जवाब देंगे।” भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शांति की पक्षधर जरूर है, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।




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