कुशीनगर की 17 बेटियां बनीं ‘सिंदूर’, देशभक्ति की भावना से भरा फैसला
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश), 12 मई:
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में दो दिनों के भीतर जन्मी 17 नवजात बेटियों का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया, जो अब एक शब्द नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना का प्रतीक बन चुका है। यह प्रेरणादायक कदम भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित है, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था।
भेड़िहारी गांव की अर्चना शाही ने बेटी को जन्म देने के बाद बताया कि यह नाम उनके लिए सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक भावना और गर्व का प्रतीक है। अर्चना और उनके पति अजीत शाही ने पहले से ही तय कर लिया था कि वे अपनी बेटी का नाम सिंदूर रखेंगे, ताकि वो हमेशा इस साहसिक सैन्य अभियान और उसमें शामिल बलिदानों को याद रख सकें।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी, जिसमें कई पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारतीय सेना ने 7 मई को तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और PoK स्थित नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया।
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने जानकारी दी कि इन दो दिनों के दौरान जिले में पैदा हुई 17 नवजात बच्चियों को उनके परिजनों ने ‘सिंदूर’ नाम दिया। पडरौना क्षेत्र की काजल गुप्ता, प्रियंका देवी, भठही बाबू गांव की व्यासमुनि की पत्नी समेत कई महिलाओं ने इस नाम को एक श्रद्धांजलि और प्रेरणा के रूप में चुना।
मदन गुप्ता, जिनकी बहू काजल गुप्ता ने बेटी को जन्म दिया, ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे परिवार को गौरव और आत्मसम्मान से भर दिया है और वे इस दिन को हमेशा उत्साह के साथ याद रखना चाहते हैं।
- कुशीनगर में दो दिनों में जन्मीं 17 बच्चियों का नाम ‘सिंदूर’ रखा गया।
- ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर लिया गया फैसला।
- पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद सेना ने किया था मुंहतोड़ जवाब।
- नामकरण के पीछे सैनिकों की वीरता और महिलाओं की भावना को श्रद्धांजलि।
- परिजनों का कहना: सिंदूर अब एक शब्द नहीं, भारत माता के प्रति समर्पण की भावना है।









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