रामपुर (उत्तर प्रदेश): भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच युद्ध में शामिल होने की इच्छा जताने वाले हेड कांस्टेबल चमन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह कुछ और है। डीजीपी को पत्र लिखकर युद्ध में जाने की अनुमति मांगने वाले इस सिपाही का विवादों से पुराना नाता रहा है। पुलिस विभाग ने अब उनके पुराने कारनामों की सूची सार्वजनिक की है, जिसमें पांच मुकदमे, तीन बार जेल जाना और अनुशासनहीनता के कई मामले शामिल हैं।
चमन सिंह पर रामपुर के दो थानों में दर्ज हैं 5 आपराधिक केस।
- तीन बार अनुशासनहीनता के चलते भेजा गया जेल।
- पुलिस महानिदेशक को भी किया था फोन, मेडिकल में मिली एल्कोहल की पुष्टि।
- ड्यूटी में लापरवाही और अफसरों से झगड़े के चलते कई बार हुआ सस्पेंड।
- युद्ध में भाग लेने की इच्छा जताने के तुरंत बाद हुआ तबादला।

क्या है पूरा मामला?
रामपुर पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल चमन सिंह ने डीजीपी को पत्र लिखकर भारत-पाक युद्ध में शामिल होने की मांग की थी। उन्होंने खुद को एसएलआर, इंसास और एके-47 चलाने में सक्षम बताया था। पर इसी दिन शाम को डीजीपी के आदेश पर उनका तबादला लखीमपुर खीरी कर दिया गया।
विवादों की पूरी सूची:
- 2021: अयोध्या ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर निलंबन और परिनिन्दा दंड।
- 2022: नागरिकों से मारपीट के आरोप में दूसरी बार सस्पेंड।
- 2023: थाना प्रभारी से मारपीट कर फरार, फिर से निलंबन।
- फोन कॉल के जरिए डीजीपी से खाने-पीने की व्यवस्था मांगना, मेडिकल में एल्कोहल मिलने पर जांच व दंड।
जेल यात्रा का ब्योरा:
- 20 फरवरी 2023 को पहली बार जेल, 15 मार्च को रिहाई।
- 7 अप्रैल 2023 को दोबारा जेल, 20 अप्रैल को रिहाई।
दर्ज केसों का विवरण:
- पहला केस: 2022, थाना सिविल लाइंस
- दूसरा केस: 2023, थाना सिविल लाइंस
- तीसरा, चौथा और पांचवां केस: 2023, थाना कोतवाली




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