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डोटासरा का मोदी सरकार पर तीखा हमला: कश्मीर पर अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को बताया भारत की साख पर धब्बा
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर पर राजनीति गर्मा गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे ने हलचल बढ़ा दी है कि यह संघर्ष विराम उनकी मध्यस्थता में हुआ। हालांकि भारत के विदेश सचिव और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है।

डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “क्यों भारत की साख को बट्टा लगाकर मिट्टी में मिला रहे हो मोदी जी?” उन्होंने ट्रंप की उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने भारत-पाक के बीच शांति स्थापित कराने में मदद की है।
डोटासरा ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “कश्मीर पर कैसी मध्यस्थता… और अमेरिका होता कौन है ये कहने वाला? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा। हमनें कश्मीर पर आज तक किसी को मध्यस्थता नहीं करने दी और न ही आगे अंतरराष्ट्रीय दखल मंजूर करेंगे। बात PoK लेने की है.. साफ और स्पष्ट।”
सरकारी बयान के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का निर्णय आपसी बातचीत के बाद लिया गया है और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं रही। लेकिन ट्रंप की पोस्ट में कहा गया था, “मैं (डोनाल्ड ट्रंप) भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करूंगा ताकि कश्मीर विवाद का समाधान हो सके। अमेरिका को इस ऐतिहासिक निर्णय तक पहुंचाने में मदद करने पर गर्व है।”
इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की विदेश नीति और राष्ट्रीय सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।









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