- भारत-पाक के बीच तुरंत प्रभाव से युद्धविराम का फैसला
- फारूक अब्दुल्ला ने फैसले का किया स्वागत
- एलओसी और IB के पास रहने वालों की तकलीफें होंगी कम
- फारूक ने कहा- “शांति की राह में पाकिस्तान निभाए जिम्मेदारी”
- 12 मई को फिर होगी भारत-पाक के बीच अहम बातचीत
संवाददाता, BetulHub:
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच सीमा पर जारी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई को रोकने का ऐलान किया गया है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से तत्काल प्रभाव से युद्धविराम लागू करने का निर्णय लिया है। इस पर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है और इस कदम का स्वागत किया है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि एलओसी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) के पास रहने वाले नागरिकों ने लंबे समय से इस तनाव का खामियाजा भुगता है। उनका मानना है कि यह निर्णय उन लोगों की पीड़ा को काफी हद तक कम करेगा जो बार-बार होने वाली गोलीबारी से प्रभावित होते हैं।
फारूक ने कहा, “यह उपाय हमारे लोगों की पीड़ा को कम करेगा जो सालों से गोलीबारी के बीच फंसे हुए हैं। ऐसे समय में भारत और पाकिस्तान को स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।”
पाकिस्तान को लेनी चाहिए जिम्मेदारी:
उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी हमेशा भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ती और स्थायी शांति की पक्षधर रही है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि विश्वास की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है, जिसे सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं को गंभीरता से लेना होगा।
12 मई को फिर होगी बातचीत:
इस समझौते के तहत अब 12 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीजफायर और शांति प्रक्रिया को लेकर बातचीत होगी।









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