
- ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के चार प्रमुख एयरबेस किए ध्वस्त
- HQ-9 और AWACS सिस्टम तबाह, पाक सेना हुई अंधी और लंगड़ी
- पाक सेना बॉर्डर की ओर कर रही मूवमेंट, जानें इसके पीछे की 5 अहम वजहें
- भारत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का किया करारा जवाब
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत ने पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोली
“ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारत की इंडियन एयरफोर्स द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान की सैन्य रणनीति पूरी तरह से हिल चुकी है। एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान के चार एयरबेस, UAV ऑपरेटिंग स्टेशन, मिलिट्री लॉजिस्टिक बेस और एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया गया है। HQ-9 एयर डिफेंस और AWACS रडार सिस्टम की तबाही ने पाकिस्तान की सेना को रणनीतिक रूप से अंधा और लंगड़ा बना दिया है। अब पाकिस्तान अपनी साख बचाने और जवाबी रणनीति के तहत बॉर्डर की ओर सेना की मूवमेंट कर रहा है।
क्यों कर रही है पाकिस्तान की सेना बॉर्डर की ओर मूवमेंट? जानिए 5 बड़ी वजहें:
1. विकल्प नहीं बचा:
साउथ एशिया एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन के अनुसार, एयरफोर्स अटैक के बाद पाकिस्तान के पास हवाई युद्ध का विकल्प लगभग समाप्त हो चुका है। अब वह जमीनी गोलीबारी और सेना की तैनाती पर फोकस कर रहा है।
2. रणनीति की विफलता:
चकलाला, मुरीद और शेरकोट जैसे एयरबेस पर किए गए हमलों से पाकिस्तान की पूरी रक्षा रणनीति ध्वस्त हो गई है। UAV स्टेशनों से लेकर फ्यूल डिपो तक सब नष्ट हो चुके हैं।
3. साख बचाने की कोशिश:
बॉर्डर मूवमेंट का एक बड़ा उद्देश्य घरेलू दबाव को संतुलित करना और दुनिया को यह दिखाना है कि पाकिस्तान अभी भी सक्रिय है।
4. भारत को उकसाने की चाल:
कुछ डिफेंस एक्सपर्ट्स इसे एक ‘उकसावे’ की रणनीति मानते हैं ताकि भारत को जवाबी हमले के लिए मजबूर किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को आक्रामक दिखाया जा सके।
5. आतंकी नेटवर्क को सुरक्षा देना:
हमलों में बचे आतंकी ठिकानों को सुरक्षित निकालने के लिए पाकिस्तान की सेना की ये मूवमेंट ‘कवर ऑपरेशन’ भी हो सकती है।
भारत ने कैसे दिया करारा जवाब?
- भारतीय एयरफोर्स ने रफीकी, मुरीद, चकलाला और रहमयार खान जैसे ठिकानों पर सटीक हमले किए।
- Byker YIHA III ड्रोन जैसे कामिकाज़े हमले विफल कर दिए गए।
- अमृतसर और बाड़मेर में मिले ड्रोन मलबे की जांच जारी।
- पाकिस्तान द्वारा दागी गई मिसाइलों को भारतीय वायु रक्षा ने समय रहते नष्ट कर दिया।
पाकिस्तान का झूठ बेनकाब
विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाक के झूठे दावों को खारिज किया गया। पाकिस्तान द्वारा अस्पतालों और स्कूलों को निशाना बनाए जाने के सबूत सामने आए हैं। वहीं, भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा पूरी तरह असत्य बताया गया।
निष्कर्ष:
पाकिस्तान की यह बॉर्डर मूवमेंट सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक स्तर पर मजबूरी का संकेत है। भारत ने न केवल आक्रामकता का करारा जवाब दिया, बल्कि रणनीतिक बढ़त भी हासिल की है।




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