- भारत ने 6-7 मई की रात को पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर किया एयर स्ट्राइक
- सैन्य अभियान का नाम था ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जवाब था पहलगाम हमले का
- बालाकोट और सर्जिकल स्ट्राइक की तरह यह भी रात में अंजाम दिया गया
- ऑप्टिकल ट्रैकिंग से बचने के लिए रात में की जाती है एयर स्ट्राइक
- रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने बताया साइकोलॉजिकल असर भी है बड़ा कारण

एयर स्ट्राइक रात में ही क्यों होती है? जानिए ऑपरेशन सिंदूर के जरिए खुली बड़ी वजह
6-7 मई 2025 की रात भारत ने एक बार फिर अपने दुश्मनों को करारा जवाब दिया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया. यह कार्रवाई पहलगाम हमले के बाद की गई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एयर स्ट्राइक हमेशा रात में ही क्यों की जाती है? 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट स्ट्राइक, और अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’—तीनों ही रात के अंधेरे में अंजाम दिए गए.
इसका असली कारण क्या है?
न्यूज़18 हिन्दी से बातचीत में डिफेंस एक्सपर्ट और इंडियन आर्मी के रिटायर्ड कर्नल दानवीर सिंह ने बताया कि इसके पीछे तकनीकी और मनोवैज्ञानिक दोनों ही कारण हैं.
तकनीकी वजह:
रिटायर्ड कर्नल ने बताया कि एयर स्ट्राइक से पहले टारगेट को इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से ट्रैक किया जाता है. दिन के उजाले में ड्रोन या प्लेन दुश्मन देश की नजर और रडार दोनों की पकड़ में आ सकते हैं. लेकिन रात में ऑप्टिकल ट्रैकिंग बेअसर हो जाती है और सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से ही ट्रैकिंग संभव हो पाती है. इससे सेना को एक अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है.
मनोवैज्ञानिक कारण:
रात में ऑपरेशन होने से दुश्मन देश के सैनिकों की नींद और मानसिक स्थिति प्रभावित होती है. लगातार अलर्ट रहने के कारण वे थकान और भ्रम का शिकार हो सकते हैं, जिससे उनकी क्षमता कमजोर होती है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बौखलाया पाकिस्तान
इस एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भी जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में ड्रोन व मिसाइल हमले की कोशिशें कीं. लेकिन भारत का S-400 डिफेंस सिस्टम उनकी हर चाल पर भारी पड़ा.




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