Highlights:
सीमावर्ती जिलों को ₹5 करोड़, अन्य जिलों को ₹2 करोड़ की तत्काल निधि
आपात बैठक में उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बंकर, आश्रय और चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ज़ोर
संवेदनशील इलाकों में एम्बुलेंस और निकासी योजनाएं तैनात
अफवाहों से बचने और आधिकारिक अपडेट्स पर भरोसे की अपील
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने Operation Sindoor के बाद नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए सीमावर्ती जिलों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को हर सीमावर्ती जिले को ₹5 करोड़ और अन्य जिलों को ₹2 करोड़ की तत्काल राहत निधि जारी करने का आदेश दिया है, ताकि स्थानीय प्रशासन गोलाबारी के हालात से त्वरित और प्रभावी ढंग से निपट सके।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सभी सीमावर्ती जिलों के उपायुक्तों के साथ आपात बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, कश्मीर और जम्मू संभाग के आयुक्तों सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
उमर अब्दुल्ला ने नागरिकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्रयों और बंकरों का निर्माण, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, और संवेदनशील क्षेत्रों में एम्बुलेंस की तैनाती को तेज़ करने को कहा। साथ ही निकासी योजनाएं तैयार रखने और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अमल में लाने को भी निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासनिक मशीनरी के कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए तहसीलदारों और अन्य अधिकारियों के खाली पद तुरंत भरे जाएं। उन्होंने LoC के पास नागरिकों के घायल होने और जान गंवाने की घटनाओं पर दुख जताते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को पूरी सहायता देने के निर्देश दिए।
उपायुक्तों ने बताया कि आपात आपूर्ति का स्टॉक किया जा चुका है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही उमर अब्दुल्ला ने गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए और लोगों से आग्रह किया कि सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही अपडेट लें।









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