Highlights (मुख्य बिंदु):
भारतीय सेना का बड़ा स्ट्राइक जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्य अड्डे पर
मसूद अजहर की पत्नी, बेटा, बहन समेत 10 करीबी मारे गए
मसूद अजहर ने कहा, “अच्छा होता मैं भी मर जाता”
18 एकड़ में फैले आतंक के अड्डे को बनाया गया टारगेट
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य जैश और लश्कर के जिहादी ढांचे को खत्म करना
बहावलपुर/नई दिल्ली। भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान स्थित मुख्य अड्डे पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकी सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए हैं। इनमें उसकी पत्नी, बेटा, बड़ी बहन, बहनोई और कई करीबी सहयोगी शामिल हैं।

टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला बहावलपुर स्थित मरकज सुब्हान अल्लाह परिसर पर किया गया, जो जैश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण और ऑपरेशन हेडक्वार्टर माना जाता है। इस स्ट्राइक में मौलाना काशिफ, उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रऊफ की बड़ी बेटी, पोते और चार बच्चे भी मारे गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि जब भारत ने यह स्ट्राइक की, तब सभी लोग परिसर में ही मौजूद थे। यह वही स्थान है जहां पुलवामा जैसे हमलों की साजिशें रची जाती रही हैं। हमले के बाद बुरी तरह टूटे मसूद अजहर ने कथित तौर पर कहा है – “अच्छा होता मैं भी मर जाता।”
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पिछले तीन दशकों से भारत पर हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ढांचे को खत्म करना था।
जामिया मस्जिद सुब्हान अल्लाह परिसर, जिसे उस्मान-ओ-अली के नाम से भी जाना जाता है, जैश का प्रमुख अड्डा है। यह परिसर 18 एकड़ में फैला है और आतंकी भर्ती, ट्रेनिंग और विचारधारा प्रसार का केंद्र रहा है।









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