ओवैसी ने मोदी सरकार के जातिगत जनगणना फैसले का किया समर्थन, लेकिन उठाए तीखे सवाल
नई दिल्ली | 2 मई, 2025 — जातिगत जनगणना को लेकर देश की राजनीति में हलचल मची हुई है। मोदी सरकार द्वारा लिए गए जातिगत जनगणना के फैसले पर विपक्ष जहां अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से तीखे सवाल भी पूछे हैं।
“प्रधानमंत्री खुद को पिछड़ी जाति का नेता कहते हैं तो संसद में बिल क्यों नहीं लाते?”
मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छाती पीटकर कहते हैं कि वे पिछड़ी जाति के नेता हैं, तो फिर आरक्षण को लेकर संसद में बिल क्यों नहीं लाते? 50% आरक्षण की सीमा को तोड़ने के लिए बिल लाइए, प्रधानमंत्री को कौन रोक रहा है?”

जनगणना की टाइमलाइन पर सवाल
ओवैसी ने आगे सवाल किया कि केंद्र सरकार जनगणना कब शुरू करेगी और क्या यह कार्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरा हो पाएगा? उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, “आप बिल लेकर आइए, AIMIM समर्थन देगी। लेकिन साफ-साफ बताइए कि प्रक्रिया कब शुरू होगी?”
राहुल गांधी और अखिलेश यादव का बयान
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को समर्थन देते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका डिजाइन तय करने में सरकार का साथ देगी। उन्होंने केंद्र से जनगणना की तारीख घोषित करने की मांग की।
वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह फैसला 90 फीसदी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) की एकता की जीत है और जनता के दबाव के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।




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