Highlights:
शौर्य चक्र विजेता मुदासिर अहमद शेख की मां को पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू
45 वर्षों से भारत में रह रही हैं शमीमा अख्तर, पाक अधिकृत कश्मीर की मूल निवासी
2022 में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे मुदासिर अहमद
परिवार ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है
60 पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित करने की प्रक्रिया जम्मू-कश्मीर में शुरू
जम्मू-कश्मीर: भारत सरकार ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में 2022 में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए शौर्य चक्र विजेता मुदासिर अहमद शेख की मां शमीमा अख्तर का नाम भी सूची में शामिल किया गया है।

शमीमा अख्तर पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की रहने वाली हैं और करीब 45 वर्षों से भारत में निवास कर रही हैं। उनके बेटे मुदासिर अहमद शेख जम्मू-कश्मीर पुलिस में कार्यरत थे और 2022 में एक अभियान में पाकिस्तानी आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से नवाजा गया था।
मुदासिर के चाचा यूनुस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरी भाभी जब यहां आई थीं, तब उनकी उम्र महज 20 साल थी। उनके बेटे ने देश के लिए जान दी है। उन्हें निर्वासित करना अन्याय होगा।”
यूनुस ने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल ने खुद परिवार से मुलाकात की थी। बारामूला में एक चौक भी शहीद मुदासिर के नाम पर समर्पित किया गया है।
प्रशासन ने बताया कि 60 पाकिस्तानी नागरिकों को अटारी बॉर्डर के जरिए वापस भेजा जाएगा। इनमें से ज्यादातर वे महिलाएं और बच्चे हैं जो पूर्व आतंकियों के साथ भारत आए थे और 2010 की पुनर्वास नीति के तहत घाटी में बस गए थे।









Leave a Reply