☀️Highlights (मुख्य बिंदु):
पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर पर्यटकों को गोली मारी
हमले की प्लानिंग दो दिन पहले की गई थी, खराब मौसम के कारण टाल दिया गया
NIA की जांच में सामने आया कि आतंकी पहले से फूड स्टॉल के पास बैठे थे
आतंकियों ने कलमा पढ़वाया और खतना चेक किया, फिर पॉइंट ब्लैंक रेंज से हत्या
हमले के दौरान करीब 5000 लोग मौजूद, रेकी अप्रैल की शुरुआत में हुई थी
पहलगाम आतंकी हमला: पहले से स्टॉल के पास बैठे थे आतंकी, NIA जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित था और आतंकी पहले से बैसरन घाटी में एक फूड स्टॉल के पास बैठे थे।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दो आतंकी करीब ढाई बजे अचानक उठे और वहां खा-पी रहे लोगों से धर्म पूछा। जब पता चला कि वे हिंदू हैं, तो उन्हें गोलियों से भून दिया गया। महज 2-3 मिनट में 4 लोगों की हत्या कर दी गई। इसके बाद आसपास की पहाड़ियों और जंगलों से अन्य आतंकी भी आ गए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कुल 26 लोगों की जान गई, जिनमें एक स्थानीय घोड़ा चालक आदिल भी शामिल था।
NIA की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह हमला 20 अप्रैल को ही होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते टाल दिया गया। आतंकी हमले वाले दिन यानी 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 5000 लोग मौजूद थे, जिससे आतंकियों को यह दिन हमले के लिए उपयुक्त लगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों ने कलमा पढ़वाया, और पैंट उतरवाकर खतना चेक किया, ताकि उनका धर्म कन्फर्म किया जा सके। इसके बाद पीड़ितों को सिर में पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर हत्या की गई ताकि कोई बच न सके।
स्थानीय लोगों और चश्मदीदों से NIA जानकारी जुटा रही है और होटलों के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अप्रैल के पहले सप्ताह में आतंकियों ने इलाके की रेकी की थी।
NIA का कहना है कि अभी किसी भी एंगल को खारिज नहीं किया जा सकता और जांच के आगे बढ़ने पर और भी खुलासे संभव हैं।




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