☀️Highlights:
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को किया सस्पेंड
पाकिस्तान की वर्ल्ड बैंक से शिकायत पर भी नहीं मिली कोई मदद
वर्ल्ड बैंक ने कहा- हम संधि संबंधी देशों के फैसलों पर राय नहीं देते
सिंधु जल संधि निलंबन से भारत पर अब नहीं होगी डेटा साझा करने की बाध्यता
पाकिस्तान को पानी, प्रोजेक्ट निरीक्षण और बाढ़ सूचना में भारी नुकसान
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान बौखला गया और इस फैसले को “युद्ध की स्थिति” बताते हुए वर्ल्ड बैंक में गुहार लगाने की कोशिश करने लगा।
हालांकि, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक वर्ल्ड बैंक ने साफ कर दिया है कि वह केवल संधि से संबंधित सीमित भूमिकाओं में शामिल है और सदस्य देशों के संप्रभु निर्णयों पर कोई टिप्पणी नहीं करता। इस तरह पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक से भी कोई राहत नहीं मिली है।

कितना नुकसान होगा पाकिस्तान को?
केंद्रीय जल आयोग के पूर्व प्रमुख कुशविंदर वोहरा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि सिंधु जल संधि के सस्पेंड होने के बाद भारत अब पाकिस्तान को डाटा शेयर करने, प्रोजेक्ट्स की जानकारी देने और बाढ़ की सूचना देने के लिए बाध्य नहीं रहेगा।
सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का पूरा पानी भारत के लिए था, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब का ज्यादातर पानी पाकिस्तान को मिलता था। अब संधि के निलंबन के बाद भारत अपने हिस्से का अधिकतम उपयोग कर सकता है और किसी भी प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान से अनुमति लेने या जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
नतीजा यह होगा कि मानसून के दौरान बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय पाकिस्तान को कोई पूर्व सूचना नहीं मिलेगी, जिससे वहां संकट गहरा सकता है। जब तक संधि निलंबित रहेगी, पाकिस्तान को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।




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