Highlights:
पहलगाम हमले में सैयद आदिल हुसैन शाह ने बचाई पर्यटकों की जान
आतंकी हमले में आदिल ने खाईं तीन गोलियां, मौके पर ही हुई शहादत
बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने आदिल के जज्बे को बताया असली कश्मीरियत
22 अप्रैल के हमले में 26 लोगों की मौत, आदिल भी हुए शहीद
आदिल का बलिदान सदियों तक याद किया जाएगा: बीजेपी नेता
➡️Content (Article):
Pahalgam Terror Attack:
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह ने अपनी जान की परवाह किए बिना पर्यटकों की जान बचाते हुए शहादत दी। आदिल की बहादुरी की हर ओर सराहना हो रही है। इस बीच बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने आदिल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि “आदिल ने जो किया, उसे दुनिया में बहुत कम लोग कर पाते हैं। यही असली कश्मीरियत है।”

बीजेपी नेता ने आगे कहा, “आदिल ने अपनी छाती पर तीन गोलियां खाकर पर्यटकों की जान बचाई। जो गलत इमेज बाहर बनाने की कोशिश होती है, उसे आदिल ने अपने बलिदान से नकार दिया। इसी का नाम कश्मीर है, और यही कश्मीरियत हम याद करते हैं।”
आदिल की शहादत पूरे कश्मीर के लिए गर्व की बात
बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि “अपने मेहमानों की जान बचाते हुए आदिल ने जो शहादत दी है, वह पूरे कश्मीर के लिए फक्र की बात है।” उन्होंने कहा कि आदिल का बलिदान सदियों तक याद रखा जाएगा। आदिल पर्यटकों को खच्चरों के जरिए बैसरन घाटी तक पहुंचाने का काम करते थे और उसी दौरान हमला हुआ।
आदिल हुसैन के परिवार का बयान
आदिल के पिता हैदर शाह ने बताया कि “आदिल मजदूरी करता था और खच्चर-घोड़े चलाता था। 22 अप्रैल को वह पहलगाम गया था और वहां से बैसरन घाटी के लिए निकला था। मैंने सुना कि आतंकियों से पर्यटकों को बचाते हुए उसे तीन गोलियां मारी गईं।”
हमले में कुल 26 की मौत
22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय निवासी आदिल हुसैन शाह शामिल थे। आदिल की कुर्बानी आज पूरे देश में मिसाल बन गई है।









Leave a Reply