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पहलगाम आतंकी हमला, पुणे, बिंदी हटाई, अल्लाहु अकबर, कौस्तुभ गणबोटे
ब्यूरो रिपोर्ट |
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले में पुणे के दो पर्यटकों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में अपने पति कौस्तुभ गणबोटे को खोने वाली संगीता गणबोटे ने बताया कि आतंकवादियों से जान बचाने के लिए महिलाओं ने अपने माथे से बिंदी हटाई और ‘अल्लाहु अकबर’ कहना शुरू कर दिया, लेकिन इससे भी निर्दयी आतंकवादियों का दिल नहीं पिघला।

हमले का भयावह मंजर – पीड़ित की आपबीती
संगीता गणबोटे ने बताया कि मंगलवार को पहलगाम के पास बैसरन में चार हथियारबंद आतंकवादियों ने उनके समूह को रोक लिया और धर्म से संबंधित सवाल पूछने लगे। उन्होंने पुरुषों से ‘अजान’ पढ़ने को कहा। जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने गोली चला दी। संगीता के अनुसार, महिलाओं ने धार्मिक पहचान छिपाने की कोशिश की लेकिन आतंकवादियों ने उनके पति कौस्तुभ और उनके मित्र संतोष जगदाले को गोलियों से छलनी कर दिया।
स्थानीय मुस्लिम की भी हत्या
संगीता ने कहा कि एक स्थानीय मुस्लिम युवक ने जब आतंकियों से सवाल किया कि वे निर्दोष लोगों को क्यों मार रहे हैं, तो उसे भी गोली मार दी गई। इस हमले में छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और निर्दोष पर्यटक जान बचाने की गुहार लगाते रहे।
कोई सुरक्षा नहीं, कोई मदद नहीं
संतोष जगदाले की पत्नी और मां ने भी शरद पवार को बताया कि जब हमला हुआ, तो आस-पास कोई सुरक्षा नहीं थी। वे मदद के लिए चीख भी नहीं सके, क्योंकि चारों ओर बंदूकधारी तैनात थे। अस्पताल में भी घंटों तक सही जानकारी नहीं मिली।
परिवार की मांग – दोषियों को मिले कड़ी सजा
शोकाकुल परिवारों ने आतंकियों को कड़ी सजा देने की मांग की और कहा कि जिस इलाके में यह हमला हुआ, उसे पर्यटकों के लिए असुरक्षित घोषित किया जाए।
शरद पवार ने जताया शोक
राकांपा नेता शरद पवार पीड़ित परिवारों से मिले और घटना की निंदा करते हुए इसे एक कायराना आतंकवादी हमला बताया। उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि देश आतंक के खिलाफ और मजबूत कदम उठाए।









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