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IWT, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सिंधु जल समझौता, डेटा शेयरिंग, पाकिस्तान
IWT खत्म, अब पाकिस्तान को 3 बड़े झटके देने की तैयारी में भारत!
भारत ने सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty – IWT) तोड़ने के बाद अब पाकिस्तान को तीन बड़े झटके देने की योजना बनाई है। सरकार अब IWT के कारण वर्षों से रुके हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इसके अलावा, पाकिस्तान के साथ हाइड्रोलॉजिकल डेटा शेयरिंग को भी रोकने पर विचार किया जा रहा है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में तेजी
चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों पर किरु से क्वार तक कई महत्वपूर्ण हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। इनसे लगभग 10,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित की जा सकती है। इनमें 540 मेगावाट क्वार, 1000 मेगावाट पकल दुल, 624 मेगावाट किरु, 390 मेगावाट किरथई 1, 930 मेगावाट किरथई 2, और 1856 मेगावाट सावलकोट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

डेटा शेयरिंग पर भी रोक की योजना
IWT के तहत भारत को हर महीने और हर तीन महीने में एक बार पाकिस्तान को जल संबंधी डेटा देना होता है, जिसमें बाढ़ का डेटा भी शामिल है। अब भारत इस डेटा को साझा न करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इसके सभी कानूनी पहलुओं पर गौर कर रहा है।
बैठकों से किनारा और तकनीकी बाधाओं का अंत
IWT के तहत होने वाली भारत-पाक बैठकें भी अब रोकने की तैयारी है। साथ ही, जलाशयों में फ्लशिंग यानी गाद निकालने की प्रक्रिया जो पहले बाधित थी, वह अब खुलकर की जा सकेगी। इससे परियोजनाओं की कार्यक्षमता और स्थायित्व दोनों में सुधार होगा।
J&K को मिलेगा सीधा फायदा
इन परियोजनाओं से जम्मू और कश्मीर को पर्याप्त बिजली मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। पावर प्लान के तहत तुलबुल, बगलीहार, किशनगंगा, रतले, उरी और लोअर कलनई जैसी योजनाएं भी फिर से सक्रिय होंगी।









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